सऊदी अरब पर बड़ा हमला: किंग फहद एयरपोर्ट और अरामको ऑयल फील्ड को निशाना बनाया, एक नागरिक समेत दो विदेशी कर्मियों की मौत; कई घायल

रियाद। सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में बुधवार देर रात हुए एक भीषण हमले से पूरा क्षेत्र दहल उठा। दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और प्रमुख तेल कंपनी अरामको के शायबह तेल क्षेत्र को निशाना बनाकर किए गए इन हमलों में कुल तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मारे गए लोगों में एक सऊदी नागरिक और दो विदेशी कर्मचारी (नेपाली और फिलिपिनो) शामिल हैं। घायलों में भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक भी बताए जा रहे हैं।

एयरपोर्ट पर मची अफ़रा-तफ़री, उड़ानों के रूट बदले गए

सऊदी सिविल एविएशन अथॉरिटी ने गुरुवार सुबह जानकारी देते हुए बताया कि किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर देर रात हुए हमले में एक सऊदी नागरिक की जान चली गई और आठ अन्य लोग घायल हो गए। इस हमले में एयरपोर्ट परिसर और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। वैश्विक फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म Flightradar24 के अनुसार, हमले के दौरान सुरक्षा कारणों से रात भर कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट में अचानक बदलाव करना पड़ा, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

फारस की खाड़ी के पास स्थित है रणनीतिक एयरपोर्ट

दम्माम में स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट भौगोलिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। यह फारस की खाड़ी के पास बहरीन और कतर की सीमाओं के बेहद करीब है। इससे पहले भी सऊदी अरब के प्रमुख हवाई अड्डों पर हूती विद्रोहियों द्वारा मिसाइल और प्रोजेक्टाइल हमलों की श्रृंखला में इसे निशाना बनाया जाता रहा है। यद्यपि ईरान समर्थित हूती समूह ने इस ताजा हमले पर तुरंत कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन का दावा है कि उसने देश के पूर्वी क्षेत्र में आ रहे चार विस्फोटक ड्रोनों को हवा में ही इंटरसेप्ट (नष्ट) कर दिया था।

अरामको के शायबह तेल क्षेत्र पर ड्रोन का मलबा गिरा, दो विदेशी कर्मचारियों की मौत

एयरपोर्ट पर हुए इस हमले से ठीक पहले दक्षिण-पूर्वी सऊदी अरब में स्थित अरामको संचालित शायबह (Shaybah) तेल क्षेत्र पर भी ड्रोन हमला नाकाम किया गया था। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, हवा में इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन का मलबा सीधे तेल क्षेत्र में एक ठेकेदार की गाड़ी पर आ गिरा, जिससे वहां भीषण आग लग गई। इस हादसे में नेपाली और फिलिपिनो मूल के दो कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक घायल हो गए।

तेल ठिकानों को लगातार निशाना बना रहे हूती विद्रोही

सऊदी अरब के तेल और बुनियादी ढांचा परिसंपत्तियों पर हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले महीने भी इंटरसेप्ट किए गए एक हूती ड्रोन के मलबे की चपेट में आने से यमन के एक नागरिक की मौत हो गई थी। सऊदी शिपिंग और तेल ठिकानों पर हमले तेज होने के बाद यह पहली नागरिक मृत्यु दर्ज की गई थी। इसके अलावा, इस महीने की शुरुआत में पूर्वी प्रांत में हुए एक अन्य हमले के कारण दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में शामिल अरामको की एक प्रशासनिक इमारत में आग लग गई थी। ताजा हमलों ने एक बार फिर मध्य पूर्व में सुरक्षा और हवाई यातायात के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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