पंजाब आप को तगड़ा झटका: पूर्व IPS व विधायक कुंवर विजय प्रताप का इस्तीफा, 24 घंटे में AAP छोड़ने वाले तीसरे नेता!

 चंडीगढ़।  पंजाब में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) को एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे हैं। अमृतसर नॉर्थ से आम आदमी पार्टी के विधायक एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब विधानसभा की सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है।

उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने फैसले की सार्वजनिक जानकारी देते हुए अपने क्षेत्र के लोगों को संबोधित किया। उन्होंने दावा किया कि विधायक के रूप में उन्होंने अपने तय लक्ष्यों में से 90 प्रतिशत काम पूरे कर लिए हैं।

राजनीति से ‘माई-बाप संस्कृति’ खत्म करना सबसे बड़ी उपलब्धि: कुंवर विजय प्रताप

कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपने इस्तीफे का ऐलान करते हुए कहा कि राजनीति से ‘माई-बाप संस्कृति’ का खात्मा करना उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि रही है। उन्होंने सदैव जनता को ही अपनी प्रेरणा का आधार माना। पंजाब की मौजूदा परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य इस समय नशे के जाल, फिरौती, गैंगस्टरवाद और भ्रष्टाचार जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा में उन्होंने अमृतसर के बुनियादी मुद्दों—जैसे पानी की आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, सरकारी मेडिकल कॉलेज, सर्किट हाउस, कंपनी बाग और बरगाड़ी बेअदबी कांड—को प्रमुखता से उठाया। भविष्य की अपनी राजनीतिक दिशा को लेकर उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र ध्येय ‘पंजाब फर्स्ट’ है और वे स्वच्छ राजनीति व पारदर्शी प्रशासन के लिए कार्य करते रहेंगे।

24 घंटे में ‘आप’ के 3 विधायकों का इस्तीफा, बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज

कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपना आधिकारिक इस्तीफा पंजाब विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) को भेज दिया है। गौरतलब है कि वह पिछले 24 घंटे के भीतर आम आदमी पार्टी को अलविदा कहने वाले तीसरे विधायक हैं।

इससे ठीक एक दिन पहले समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। राजनीतिक गलियारों में इस बात की प्रबल संभावना जताई जा रही है कि ये तीनों नेता सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं।

उम्मीदवारों की पहली सूची के बाद पार्टी में शुरू हुई बगावत

यह पूरा सियासी भूचाल आम आदमी पार्टी द्वारा 1 नवंबर को आगामी 2027 विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने के तुरंत बाद देखने को मिला है। ‘आप’ नेतृत्व ने हाल ही में चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा के संबंधित क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज नियुक्त कर दिए थे, जिससे दोनों का टिकट कटने की अटकलें तेज हो गई थीं।

उधर, आम आदमी पार्टी का आरोप है कि पंजाब में अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने के उद्देश्य से भाजपा दूसरी पार्टियों के नेताओं में तोड़फोड़ कर उन्हें अपने साथ मिला रही है।

बेअदबी कांड जांच से चर्चित हुए थे पूर्व IPS, पार्टी से चल रहे थे निलंबित

पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने वर्ष 2015 के चर्चित फरीदकोट बेअदबी कांड और पुलिस फायरिंग मामलों की जांच विशेष जांच टीम (SIT) के सदस्य के रूप में की थी। पुलिस सेवा से इस्तीफा देने के बाद वह आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे और 2022 के चुनाव में अमृतसर नॉर्थ सीट से विधायक चुने गए थे।

हालांकि, समय के साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनके मतभेद गहराते गए। जनवरी 2023 में उन्होंने विधानसभा की ‘सरकारी आश्वासन समिति’ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। वे बेअदबी मामलों की जांच को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाते रहे। अंततः, जून 2025 में आम आदमी पार्टी ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 5 साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया था।

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