
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने दोनों चुनाव आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और देशभर में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया से जुड़े 13 बड़े फैसले लिए गए। आयोग ने यह साफ किया है कि अब विवादों से बचने के लिए आयोग की हर बैठक से पहले उसका एजेंडा सर्कुलेट किया जाएगा और बैठक में हुई कार्यवाही के मिनट्स सार्वजनिक किए जाएंगे। इसके साथ ही चुनाव अधिकारियों की विदेश यात्रा के लिए आयोग की पूर्व मंजूरी को अनिवार्य कर दिया गया है।
SIR प्रक्रिया में मतदाताओं को बड़ी राहत: BLO घर-घर जाकर लेंगे दस्तावेज, ऑनलाइन होगी सुनवाई
चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिया है कि जिन लोगों को SIR प्रक्रिया के दौरान ‘अनमैप्ड’ स्टेटस या लॉजिकल गड़बड़ियों के कारण नोटिस मिला है, उन्हें अब ERO या AERO ऑफिस के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) खुद ऐसे मतदाताओं के घर जाकर दस्तावेज इकट्ठा करेंगे और उन्हें ECINet पर अपलोड करेंगे। सुनवाई केवल विशेष मामलों में ERO के निर्णय पर होगी और वह भी ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, रैन बसेरों में रहने वाले बेघर लोगों, मजदूरों और गरीबों के लिए स्पेशल कैंप और हेल्प डेस्क लगाने के निर्देश डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर्स (DEO) को दिए गए हैं।
दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे व आपत्तियों की तारीख बढ़ी, APAR की समय-सीमा तय
आयोग ने राज्यों के अनुरोध पर दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा में बदलाव किया है। दिल्ली में अब दावे व आपत्तियां 30 अक्टूबर 2026 तक दाखिल की जा सकेंगी, जिनका निपटारा 30 नवंबर 2026 तक होगा। वहीं महाराष्ट्र में यह सीमा 12 अक्टूबर 2026 (निपटारा 10 नवंबर 2026) तय की गई है। आयोग ने यह भी सख्त निर्देश जारी किया है कि सभी अधिकारियों की एनुअल परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (APAR) हर साल 31 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से पूरी हो जानी चाहिए।
कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र पर दी सफाई, SIR फैसलों को बताया सर्वसम्मत
आयोग ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र ECI या उसके IT डिवीजन की किसी नीतिगत बात से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर आए एक अधिकारी के कामकाज से जुड़ा था। आयोग ने दोहराया कि 24 जून 2025 को देशभर में SIR कराने का फैसला पूरी तरह सर्वसम्मति से लिया गया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी मई 2026 के अपने आदेश में बरकरार रखा है। बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों में SIR का काम पूरा हो चुका है और छूटे हुए या नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
ECINet और IT प्रोजेक्ट्स के लिए बनेगी एक्सपर्ट्स की कमेटी
डिजिटल तंत्र को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए आयोग ने तय किया है कि वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त (DEC) की अध्यक्षता में IIT और IIIT के स्वतंत्र विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाई जाएगी, जो ECINet के रोल-बेस्ड एक्सेस और नियमों का पुनरीक्षण करेगी। इसके अलावा IT से जुड़ा कोई भी नया प्रोजेक्ट अब ‘कमेटी ऑफ ऑफिसर्स’ (COO) में चर्चा और मंजूरी के बाद ही लागू किया जाएगा।















