यूपी चुनाव से पहले सपा का बड़ा एक्शन: कन्नौज में PDA सम्मेलन में खाली कुर्सियां देख भड़की पार्टी, जिला कार्यकारिणी भंग और जिलाध्यक्ष हटाए

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) ने एक बेहद सख्त और बड़ा कदम उठाया है. उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में आयोजित पीडीए (PDA) सम्मेलन के दौरान उम्मीद से काफी कम भीड़ जुटने और कुर्सियों के खाली रह जाने के बाद पार्टी हाईकमान पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है. इस मामले में किरकिरी होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने समाजवादी पार्टी की कन्नौज जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है. इसके साथ ही पार्टी के जिलाध्यक्ष को भी पद से हटा दिया गया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है.

खाली कुर्सियों की तस्वीरों ने बढ़ाई टेंशन, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

कन्नौज में समाजवादी पार्टी की ओर से पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण को मजबूत करने के लिए एक विशेष सम्मेलन का आयोजन किया गया था. शनिवार को जब जिले के सपा कार्यालय में यह कार्यक्रम शुरू हुआ, तो उम्मीद के विपरीत वहां बहुत कम कार्यकर्ता पहुंचे और सम्मेलन स्थल पर कुर्सियां खाली नजर आईं. प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम की खाली कुर्सियों वाली तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए. इन तस्वीरों के सामने आने के बाद विपक्षी दलों को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया और पार्टी के संगठनात्मक इंतजामों के साथ-साथ जनसमर्थन पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे.

अखिलेश यादव का गढ़ है कन्नौज, पार्टी के लिए था बेहद अहम

यह पूरा घटनाक्रम समाजवादी पार्टी और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए इसलिए भी बहुत संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि कन्नौज खुद अखिलेश यादव का लोकसभा क्षेत्र और उनका सबसे मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता है. आगामी यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए सपा ‘PDA पॉलिटिक्स’ के जरिए अपनी जमीन को और मजबूत करने में जुटी है. ऐसे में पार्टी के अपने ही गढ़ में इस तरह का लचर प्रदर्शन और खाली कुर्सियां देखने को मिलने से राष्ट्रीय स्तर पर भी पार्टी के भीतर हड़कंप मच गया, जिसके बाद यह कड़ी संगठनात्मक कार्रवाई की गई है.

जिलाध्यक्ष कलीम खान हटाए गए, सभी इकाइयां भंग

कन्नौज के सम्मेलन में मचे सियासी बवाल और पार्टी की किरकिरी के बाद समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने रविवार शाम को कड़ा फैसला लेते हुए जिला अध्यक्ष कलीम खान को उनके पद से हटा दिया. इसके साथ ही न सिर्फ जिला कार्यकारिणी को भंग किया गया, बल्कि जिले की तमाम अन्य पार्टी इकाइयों, राज्य और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों व पदाधिकारियों को भी इस कार्रवाई के दायरे में लेते हुए हटा दिया गया है. चुनाव के ठीक पहले पार्टी के भीतर हुई इस बड़ी उथल-पुथल की चर्चा अब पूरे राज्य में हो रही है.

बीजेपी ने साधा निशाना, दिए गए तीखे बयान

सपा के इस सम्मेलन में कुर्सियों के खाली रह जाने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को समाजवादी पार्टी पर जोरदार हमला बोलने का मौका मिल गया. बीजेपी ने इस पूरे घटनाक्रम को सपा के जनाधार में भारी गिरावट और जनता के बीच उनकी पकड़ कमजोर होने से जोड़कर पेश किया. उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री असीम अरुण ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि यह खाली कुर्सियां इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि अब जनता का समर्थन पार्टी के साथ नहीं रहा है. वहीं दूसरी ओर, पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने भी इस मुद्दे पर चुटकी लेते हुए अखिलेश यादव को कन्नौज जिले की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरने की खुली चुनौती दे डाली है, जिससे राज्य का सियासी पारा काफी हाई हो गया है.

 

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