लखनऊ। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (UP ATS) ने राजधानी लखनऊ में एक बेहद खतरनाक और सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश करते हुए पंजाब से आए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी पाकिस्तान में बैठे प्रतिबंधित शहजाद भट्टी नेटवर्क के कथित हैंडलर ‘राणा भाई’ के संपर्क में थे। आरोपियों को लखनऊ में किसी पुलिसकर्मी या सेना के जवान को निशाना बनाने और उनकी हत्या का वीडियो बनाकर भेजने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के एवज में उन्हें 3 लाख रुपये देने का सौदा तय हुआ था।
30 अक्टूबर को ATS का एक्शन, पंजाब के 3 गिरफ्तार व 1 नाबालिग हिरासत में
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि UP ATS को गुप्त सूचना मिली थी कि पंजाब के कुछ युवक पाकिस्तानी आतंकी हैंडलर ‘राणा भाई’ के लगातार संपर्क में हैं और वे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। इस खुफिया इनपुट पर तुरंत कार्रवाई करते हुए ATS ने 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में घेराबंदी कर 3 आरोपियों को धर दबोचा और एक नाबालिग को कस्टडी में ले लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गगनदीप सिंह, रजत कुमार और कृष्ण के रूप में हुई है।
3 लाख रुपये का ऑफर, हत्या के बाद नेपाल भागने का था प्लान
ATS की शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए सीमा पार बैठे अपने हैंडलर के संपर्क में थे। जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर ने उन्हें मुख्य रूप से तीन काम सौंपे थे:
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सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाना: लखनऊ में ड्यूटी पर तैनात किसी पुलिसकर्मी या सेना के जवान की हत्या करना।
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वारदात का वीडियो रिकॉर्ड करना: हमले का लाइव वीडियो बनाकर पाकिस्तान स्थित हैंडलर को भेजना, ताकि उसका इस्तेमाल प्रचार के लिए किया जा सके।
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नेपाल सीमा में फरार होना: वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद लखनऊ से सीधे नेपाल भाग जाना।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों को लखनऊ आने और ठहरने के लिए पहले ही आर्थिक मदद मुहैया कराई गई थी, जबकि पूरी वारदात सफल होने पर 3 लाख रुपये की इनामी राशि देने का वादा किया गया था।
विदेशी पिस्तौल और 20 कारतूस बरामद, मोबाइल से खुले राज
ATS ने आरोपियों के पास से एक अत्याधुनिक विदेशी निर्मित पिस्तौल और 20 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में पाकिस्तान से की गई संदिग्ध चैट्स, वीडियो और लखनऊ की कई संवेदनशील जगहों की रेकी से जुड़ी सामग्री बरामद हुई है। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण स्थलों की लोकेशन पाकिस्तान में साझा की थी। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि लखनऊ में हथियार और कारतूस नेटवर्क से जुड़े ही एक स्थानीय शख्स ने उपलब्ध कराए थे, जिसके तार पाकिस्तान से हथियार तस्करी से जुड़े हो सकते हैं।
आरोपी गगनदीप का आर्म्स एक्ट का आपराधिक इतिहास
पकड़े गए आरोपियों में से गगनदीप सिंह के खिलाफ पंजाब में पहले भी आर्म्स एक्ट (हथियार अधिनियम) के तहत मुकदमा दर्ज हो चुका है। ATS अब गगनदीप के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और मौजूदा आतंकी साजिश के आपसी कनेक्शन को खंगाल रही है। जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि लखनऊ में इन्हें लोकल सपोर्ट किसने दिया और फंडिंग का जरिया क्या था।
ATS मांगेगी कस्टडी रिमांड, 5 प्रमुख बिंदुओं पर होगी पूछताछ
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमिताभ यश के मुताबिक, ATS आरोपियों को कोर्ट में पेश कर उनकी पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) की मांग करेगी। जांच एजेंसी मुख्य रूप से निम्नलिखित 5 बिंदुओं पर तफ्तीश आगे बढ़ाएगी:
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पाकिस्तान स्थित हैंडलर ‘राणा भाई’ की असली पहचान और शहजाद भट्टी नेटवर्क की मैपिंग।
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लखनऊ में विदेशी हथियारों की सप्लाई करने वाले मुख्य सप्लायर का सुराग लगाना।
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आरोपियों को लखनऊ में ठहराने, रेकी कराने और वित्तीय मदद (फंडिंग) देने वाले स्थानीय मददगारों की तलाश।
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संवेदनशील स्थानों की रेकी से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक पड़ताल।
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पैसों के लेन-देन (मनी ट्रेल) और साजिश में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करना।

















