
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र से देश की सुरक्षा और खुफिया तंत्र पर बड़े सवाल खड़े करने वाली एक गंभीर खबर सामने आई है। यहां 20 बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मामले का पर्दाफाश करते हुए एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है, जिसमें डबरा तहसील के एक ही पते का इस्तेमाल कर इन सभी पासपोर्टों को जारी करवाया गया था।
बौद्ध विहार का दिया फर्जी पता, एक ही शख्स बना सभी का गवाह
एसटीएफ की जांच में हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि सभी 20 बांग्लादेशी नागरिकों को डबरा स्थित एक बौद्ध विहार में रहने वाला बौद्ध धर्म का अनुयायी दर्शाया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि इन सभी पासपोर्ट आवेदनों में गवाह के तौर पर एक ही व्यक्ति के हस्ताक्षर थे। एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए इस मुख्य गवाह रियाल चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह ने इन बांग्लादेशियों के लिए स्थानीय स्तर पर फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और 10वीं कक्षा की फर्जी मार्कशीट तैयार की थी।
पुलिस वेरिफिकेशन सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल
नियमानुसार पासपोर्ट जारी करने से पहले स्थानीय पुलिस थाने द्वारा आवेदक के पते, पहचान और आपराधिक पृष्ठभूमि का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाता है। डबरा के एक ही पते से 20 फर्जी भारतीय पासपोर्ट जारी हो जाने से पुलिस की सत्यापन प्रणाली कटघरे में आ गई है। एसटीएफ अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि सत्यापन प्रक्रिया में यह महज अधिकारियों की ढिलाई थी या इसके पीछे पुलिसकर्मियों की मिलीभगत और रिश्वतखोरी का बड़ा खेल था। संलिप्त कर्मचारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
5 साल पहले बने थे पासपोर्ट, विदेश यात्राओं से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, ये फर्जी पासपोर्ट करीब 5 साल पहले बनवाए गए थे। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन फर्जी भारतीय पासपोर्ट का उपयोग करके कई बांग्लादेशी नागरिक थाईलैंड, चीन और भूटान जैसे देशों की यात्राएं भी कर चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि इन विदेश यात्राओं का मुख्य मकसद क्या था और क्या इसमें कोई संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क शामिल है।
44 अन्य संदिग्ध पासपोर्ट भी जांच के दायरे में
रियाल चौधरी की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद एसटीएफ के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं, जिसके आधार पर 44 अन्य संदिग्ध पासपोर्ट भी जांच के दायरे में आ गए हैं। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इन 44 पासपोर्ट्स में भी एक जैसे पते और गवाहों का इस्तेमाल किया गया है। एसटीएफ ने एक अन्य संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिससे इस बड़े रैकेट के कई और राज खुलने की संभावना है।












