बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव की तिथियों के ऐलान के ठीक बाद चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित किए जाने के महज 24 घंटे के भीतर ही प्रमुख शिक्षक नेता भूषण झा ने पार्टी से अपना नाता तोड़ लिया। जन सुराज से अलग होने का ऐलान करते हुए झा ने अब मैदान में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उतरने की घोषणा कर दी है।
मुजफ्फरपुर बैठक में बिगड़ी बात, रिकॉर्डिंग रोकने और दबाव बनाने का आरोप
यह पूरा घटनाक्रम मुजफ्फरपुर के माड़ीपुर स्थित एक होटल में 25 सितंबर को आयोजित समीक्षा बैठक के बाद सामने आया, जिसमें प्रशांत किशोर खुद मौजूद थे। झा का आरोप है कि बैठक के दौरान जब वे अपनी बात रख रहे थे, तो उनका समर्थन करने वाले शिक्षकों को मोबाइल से रिकॉर्डिंग करने से रोक दिया गया। उन्होंने दावा किया कि उन पर पार्टी की पूर्व-निर्धारित स्क्रिप्ट के मुताबिक ही बोलने का अनुचित दबाव बनाया जा रहा था। इस व्यवहार से आहत होकर और साथी शिक्षकों की सलाह पर उन्होंने जन सुराज का दामन छोड़कर निर्दलीय लड़ने का फैसला लिया।
शनिवार को नए उम्मीदवार की घोषणा करेगी जन सुराज, 23 अक्टूबर को मतदान
प्रत्याशी के अचानक पाला बदलने के बाद जन सुराज पार्टी अब शनिवार को तिरहुत शिक्षक सीट के लिए अपने नए उम्मीदवार के नाम का ऐलान करेगी। गौरतलब है कि पार्टी ने गुरुवार को आठ में से तीन MLC सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम जारी किए थे, जबकि पांच सीटों पर 20 सितंबर को ही घोषणा की जा चुकी थी। बिहार की इन 8 विधान परिषद सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा, जबकि चुनाव के नतीजे 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती के बाद घोषित होंगे।
















