आगरा में दवा माफिया पर बड़ा सर्जिकल स्ट्राइक: खंडहरनुमा मकान से 2 करोड़ रुपये की नकली-प्रतिबंधित दवाओं का जखीरा बरामद

आगरा नकली और संदिग्ध दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ औषधि विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। थाना मलपुरा क्षेत्र के धनौली स्थित मदर आरडी स्कूल के पीछे तीन छतरी के पास रिहायशी इलाके में बने एक खंडहरनुमा कमरे पर छापा मारकर टीम ने करीब दो करोड़ रुपये मूल्य की नकली व प्रतिबंधित दवाओं का विशाल जखीरा जब्त किया है। मौके पर एक युवक को रंगे हाथों पकड़ा गया है, जो दवाओं की पैकिंग और लेबलिंग में जुटा था।

3 जिलों की टीमों ने की घेराबंदी, सोमवार रात से रखी जा रही थी नजर औषधि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि धनौली के इस सुनसान मकान में कई महीनों से संदिग्ध दवाओं का अवैध भंडारण किया जा रहा है। सूचना के आधार पर सोमवार रात से ही विभागीय टीम ने पूरे इलाके की कड़ी निगरानी शुरू कर दी थी। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे जैसे ही दो युवक कमरे के पास पहुंचे और उनमें से एक अंदर दाखिल हुआ, टीम ने पुलिस के साथ त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके को घेर लिया और छापा मारा। मामले की गंभीरता को देखते हुए फिरोजाबाद और हाथरस से भी औषधि विभाग की टीमों को तुरंत मौके पर बुलाया गया।

केटोरॉल, कार्डेस और एलेग्रा जैसी नामचीन दवाओं की पेटियां बरामद कमरे की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में नामचीन ब्रांड्स की नकली व संदिग्ध पेटियां पाई गईं। बरामद दवाओं में प्रमुख रूप से केटोरॉल, कार्डेस, एलेग्रा, एलेग्रा-एम, लोसर-एच और जुलरा जैसी जीवनरक्षक और जीवनशैली से जुड़ी दवाएं शामिल हैं। औषधि विभाग ने दवाओं के नमूने सील कर राजकीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिए हैं। अधिकारी अब यह पता लगा रहे हैं कि इन दवाओं का असली मैन्युफैक्चरर कौन है और इन्हें किन-किन मंडियों में सप्लाई किया जाना था।

बदले हुए नाम से किराए पर लिया गया था कमरा, 72 करोड़ी पुडुचेरी कनेक्शन से तार जुड़ने की आशंका प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि जिस कमरे से दवाओं का जखीरा मिला है, उसे किसी फर्जी या बदले हुए नाम से किराए पर लिया गया था। विभाग को अब तक इन दवाओं का कोई वैध दावेदार या बिल-दस्तावेज नहीं मिला है। आगरा में पूर्व में हुए 71-72 करोड़ रुपये के विशाल नकली दवा रैकेट और पुडुचेरी की मीनाक्षी फार्मा से जुड़े तार को ध्यान में रखते हुए इस नए ठिकाने की कड़ियां भी पुडुचेरी, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के नेटवर्क से जोड़कर खंगाली जा रही हैं।

आगरा में नकली दवाओं पर लगातार कसता शिकंजा: रद्द हुए 58 थोक लाइसेंस आगरा में इस साल नकली, एक्सपायर्ड और सरकारी आपूर्ति की दवाओं के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। जून में 3.80 करोड़ की दवाएं जब्त कर दो गोदाम सील किए गए थे, जिसके बाद जुलाई में 13 संदिग्ध फर्मों पर छापेमारी कर 58 थोक दवा विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए थे। जांच में यह खतरनाक ट्रेंड भी सामने आया था कि असली दवाओं के बैच नंबर और क्यूआर कोड को चुराकर हुबहू नकली पैकेट तैयार किए जा रहे थे। हाल ही में सितंबर महीने में भी 250 से ज्यादा थोक प्रतिष्ठानों की जांच में भारी वित्तीय और स्टॉक गड़बड़ियां पाई गई थीं।

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