देश दहलाने की बड़ी आतंकी साजिश नाकाम: UP के लखनऊ, वाराणसी और सीतापुर में NIA की ताबड़तोड़ छापेमारी, पाकिस्तानी एजेंट जसवीर चौधरी का नेटवर्क खंगाला

लखनऊ। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार सुबह उत्तर प्रदेश के कई बड़े शहरों में एक साथ छापेमारी कर आतंकी नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। एनआईए की टीमों ने राजधानी लखनऊ, धर्मनगरी वाराणसी और सीतापुर समेत यूपी के कई जिलों में संदिग्ध ठिकानों पर तगड़ी दबिश दी है। यह बेहद गोपनीय और बड़ी कार्रवाई पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के इशारे पर काम करने वाले एजेंट जसवीर चौधरी के भारतीय स्लीपर सेल और स्थानीय मददगारों को नेस्तनाबूद करने के लिए की जा रही है। जांच एजेंसियों को बेहद पुख्ता और डराने वाले इनपुट मिले थे कि सीमा पार बैठे हैंडलर्स के इशारे पर पंजाब, देश की राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में टिफिन बम और आईईडी (IED) ब्लास्ट के जरिए भारी तबाही मचाने की साजिश रची जा रही थी।

शुक्रवार सुबह एक साथ गूंजे सायरन, डिजिटल डिवाइस और संदिग्ध दस्तावेज जब्त

सुरक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एनआईए की स्पेशल टीमों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर शुक्रवार तड़के ही संदिग्धों के ठिकानों की घेराबंदी कर ली थी। एनआईए उन स्थानीय चेहरों और स्लीपर सेल को टारगेट कर रही है, जिन्होंने पाकिस्तानी एजेंट जसवीर चौधरी को लॉजिस्टिक्स, छिपने की जगह और फंड मुहैया कराया था। छापेमारी के दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं, जांच अधिकारियों ने छापेमारी वाली जगहों से भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज, बैंक अकाउंट डिटेल्स, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

पंजाब से जुड़े हैं तार, देश विरोधी साजिश की गंभीरता को देखते हुए NIA ने संभाली कमान

इस पूरे सनसनीखेज अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ सबसे पहले पंजाब पुलिस ने किया था। पंजाब पुलिस ने शुरुआती तफ्तीश के बाद मामले की गंभीरता, अंतरराष्ट्रीय सीमा पार के कनेक्शन और देश की सुरक्षा पर बड़े खतरे की आशंका को देखते हुए इसकी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपी थी। इसके बाद 21 मार्च 2026 को इस बेहद संवेदनशील केस की जांच विधिवत रूप से एनआईए (NIA) को सौंप दी गई थी। एनआईए अब जसवीर चौधरी के पूरे नेटवर्क के फंडिंग चैनल, उनके चैटिंग ऐप्स और स्थानीय मॉड्यूल की कड़ियों को एक साथ जोड़कर बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने में जुटी है।

पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आई थी बारूद और हथियारों की खेप, 10 फरवरी को हुआ था खुलासा

आतंकी नेटवर्क की जांच में जो सबसे सनसनीखेज और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है, वो है आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल। इसी साल 10 फरवरी को पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) को एक खुफिया इनपुट मिला था कि पाकिस्तानी हैंडलर और एजेंट जसवीर चौधरी के इशारे पर भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से हथियारों की बड़ी स्मगलिंग की गई है। तस्करों ने अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर सीमा पार से भारी मात्रा में घातक हथियार, गोला-बारूद और खतरनाक आईईडी (IED) की खेप भारतीय सीमा में गिराई थी, जिसे जसवीर के स्थानीय गुर्गों ने रिसीव कर देश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई कर दिया था।

दिल्ली और पंजाब के भीड़भाड़ वाले इलाके थे निशाने पर, ड्रोन स्मगलिंग बनी सबसे बड़ी चुनौती

सुरक्षा एजेंसियों के आला अधिकारियों का साफ कहना है कि अगर समय रहते इस आतंकी इनपुट पर एक्शन नहीं लिया जाता, तो देश को हिला देने वाले सिलसिलेवार बम धमाके हो सकते थे। पाकिस्तानी एजेंटों का मुख्य मकसद पंजाब और दिल्ली जैसे राज्यों के सबसे व्यस्त और भीड़भाड़ वाले बाजारों, धार्मिक स्थलों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर देश में दहशत का माहौल पैदा करना था। एनआईए के अधिकारियों के मुताबिक, सीमा पार से सुरक्षा घेरे को ठेंगा दिखाकर ड्रोन के जरिए हथियार और आरडीएक्स भेजना देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक नई और गंभीर चुनौती बन गया है। फिलहाल यूपी के कई शहरों में एनआईए का सर्च ऑपरेशन जारी है और आने वाले दिनों में कुछ बड़े चेहरों की गिरफ्तारी की पूरी संभावना जताई जा रही है।

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