नई दिल्ली। यूरोपीय देश इटली में लगातार बढ़ते हिंसक प्रदर्शनों, दुकानों में लूटपाट और सार्वजनिक संपत्तियों को पहुंचाए जा रहे नुकसान पर लगाम कसने के लिए प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने सुरक्षा कानूनों में बेहद कड़े संशोधनों को हरी झंडी दे दी है। नए और कड़े सुरक्षा नियमों के तहत हिंसा व तोड़फोड़ की वारदातों में शामिल पाए जाने वाले उपद्रवियों को अब 5 साल तक की सख्त जेल काटनी होगी। वहीं, मेलोनी सरकार ने एक बेहद सख्त प्रावधान जोड़ते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि लूटपाट या हिंसा में कोई नाबालिग शामिल पाया जाता है, तो उसके द्वारा किए गए वित्तीय और भौतिक नुकसान की पूरी भरपाई उसके माता-पिता को अपनी जेब से करनी होगी।
उत्तरी इटली के शहरों में भड़की हिंसा के बाद जागा शासन
रॉयटर्स की एक विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, यह सख्त प्रशासनिक कदम उत्तरी इटली के कई प्रमुख शहरों में हुई हालिया हिंसक झड़पों और उपद्रव के बाद उठाया गया है। फैशन कैपिटल कहे जाने वाले मिलान शहर में भी हाल के दिनों में उपद्रवियों के समूहों ने जमकर तांडव मचाया, जहां कई दुकानों के शीशे तोड़कर कीमती सामान लूट लिया गया और रोकने पहुंची पुलिस टीमों पर भी सीधे हमले किए गए। इन घटनाओं के बाद से ही पूरे देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे।
‘विरोध प्रदर्शन के नाम पर अपराध बर्दाश्त नहीं’: मेलोनी का कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया के जरिए नए सुरक्षा कानूनों की घोषणा करते हुए उपद्रवियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चोरी, लूटपाट और दुकानों में तोड़फोड़ को किसी भी सूरत में विरोध प्रदर्शन का नाम नहीं दिया जा सकता; ऐसी गतिविधियां विशुद्ध रूप से अक्षम्य अपराध हैं। नए अध्यादेश के प्रावधानों के अनुसार, यदि 5 या उससे अधिक लोगों का समूह प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालता है, तो आरोपी को 5 साल तक की जेल और 20 हजार यूरो (भारतीय मुद्रा में करीब लाखों रुपये) तक का भारी-भरकम जुर्माना भुगतना होगा। इसके अलावा, यदि कोई चेहरा ढककर हिंसा फैलाता है या किसी को शारीरिक चोट पहुंचाता है, तो उसके लिए और भी सख्त सजा तय की गई है।
नाबालिगों की उपद्रवबाजी पर नपेगी अभिभावकों की जेब, पुलिस को मिले असीमित अधिकार
नए कानून की सबसे चर्चित धारा नाबालिगों के आचरण से जुड़ी है। इसके तहत यदि कोई नाबालिग तोड़फोड़ या लूटपाट में शामिल होता है, तो प्रशासन अधिकारियों को तत्काल आदेश जारी कर उसके माता-पिता से नुकसान की वसूली करने का कानूनी अधिकार दे दिया गया है। इसके साथ ही, कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस को 14 से 17 साल के उन किशोरों को भी पूर्व-सतर्कता (Preemptive) हिरासत में लेने की शक्ति दी गई है, जिनके बारे में खतरनाक गतिविधियों में शामिल होने के पुख्ता सबूत हों—भले ही उन्होंने उस वक्त कोई बड़ा अपराध न किया हो।
मिलान में तैनात होंगे 500 सैनिक, महंगाई और भाड़े को लेकर दक्षिण में ट्रक चालकों की हड़ताल
भविष्य में दोबारा किसी संभावित हिंसा या उपद्रव की आशंका को खत्म करने के लिए मिलान जैसे संवेदनशील शहरों में 2026 के अंत तक पुलिस बलों की मदद के लिए 500 सैन्य जवानों की विशेष तैनाती की जाएगी। हालांकि, मेलोनी सरकार के इस सख्त कानून की नागरिक अधिकार समूहों और आलोचकों द्वारा आलोचना भी की जा रही है। आलोचकों का तर्क है कि कठोर सजाओं के दम पर अपराध के पीछे छिपे सामाजिक और आर्थिक कारणों को खत्म नहीं किया जा सकता। दूसरी तरफ, दक्षिणी इटली में लगातार बढ़ती महंगाई और डीजल के दामों के खिलाफ ट्रक ऑपरेटरों के उग्र प्रदर्शन के चलते पूरे देश की सप्लाई चेन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है।


















