मुंबई से चले प्रवासी मजदूर की कानपुर में मौत, बहराइच का रहने वाला था किशोर

  • खराब व्यवस्था के चलते एक और प्रवासी मज़दूर किशोर की तड़प कर मौत
  • कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते प्रोटोकाल के तहत होगा सुपर्द-ए-खाक

कानपुर/ बहराइच)। लॉकडाउन में अपने घर जाने की चाहत रखे सफर कर रहे प्रवासी मजदूरों पर रोजाना ऑफत का पहाड़ टूट रहा है। कभी वह हादसे का शिकार हो रहे हैं तो कभी भूखों लंबा सफर करना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला कानपुर में रविवार को सामने आया है, जहां पर मुंबई से चलकर अपने घर बहराइच जा रहे किशोर मजदूर की मौत हो गयी। यह वाक्या चकेरी थाना क्षेत्र के रामादेवी चौराहा पर हुआ। यहां पर मुंबई से वापस आ रहे प्रवासी मजदूर की बुखार से तड़पकर मौत हो गई. प्रवासी मजदूर की मौत के बाद काफी देर तक उसका शव ऐसे ही पड़ा रहा। डॉक्टरों ने कोरोना संदिग्ध मानते हुए प्रवासी युवक का सैंपल भी लिया।

बहराइच के मकसूदपुर गांव में रहने वाला खुशबुद्दीन अपने गांव में मुंबई इस आस में गया था कि उसे वहां पर रोजगार मिल जाएगा, लेकिन कोरोना के संक्रमण के बाद लॉकडाउन लागू हुआ, तो वह अपने चाचा इकबाल और भाई सलाउद्दीन के साथ वहीं पर फंस गया। कई दिनों तक गुजरबसर करने के बाद जब उसके पास जमा रकम खत्म हो गई तो फिर घर वापसी की राह पकड़ी। बीती 14 मई को तीनों ट्रक पर सवार हुए और घर की तरफ चल दिए। भाई सलाउद्दीन का कहना है कि रास्ते में खुशबुद्दीन को बुखार आ गया। वह लोग इसी तरह सफर करते रहे और रास्ते में एक जगह गाड़ी रूकी तो तो उसे दवाई दिलाई गई, लेकिन किसी तरह उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इस बीच इन्हीं हालातों में सफर चलता रहा। देर रात रामादेवी चौराहा के पास ट्रक चालक ने उतार दिया। यहां बुखार के साथ ही युवक की छाती में दर्द होने लगा। हालत बिगड़ती देख साथ चल रहे लोगों ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस उसे ई रिक्शे पर लादकर रक्षा अस्पताल पहुंची लेकिन अस्पताल गेट पर ही उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को एक स्थान पर रखवा दिया।

इंस्पेक्टर का कहना

चकेरी इंस्पेक्टर आर के गुप्ता ने बताया कि प्रवासी मजदूर की मौत पर पुलिस ने एहतियातन ग्रीनबेल्ट में उसके शव को रखवा दिया। यहां पर उसके परिवार के लोगों और ई रिक्शा चालक को रोक लिया गया। पुलिस ने कोरोना के संदेह पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी सूचना दी। बताया कि मृतक के कोरोना संक्रमित होने के संदेह पर सैंपल लिया जा रहा है, उसके साथियों को भी रोका गया है और सभी की जांच करायी जाएगी।

कोरोना प्रोटोकाल के तहत होगा सुपुर्द-ए-खाक

एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि मृतक अपने चाचा और भाई के साथ मुंबई से आ रहा था। रामादेवी चौराहा पर उतरने के दौरान यहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को बुखार आने की बात कही गई। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने कोरोना संक्रमण का संदेह जताया है। सैंपल लिया गया है और कोविड-19 संक्रमण के प्रोटोकाल का पालन करते हुए शव को सुपुर्द-ए-खाक कराया जाएगा।

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