
सहारनपुर। सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर में बनी दो मंजिला मस्जिद को प्रशासन द्वारा ध्वस्त किए जाने के बाद अब उसके नीचे से मिले कुएं को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। करीब 18 घंटे तक चली कार्रवाई के बाद रविवार सुबह मस्जिद की जगह समतल जमीन नजर आई। इसी दौरान मलबा हटाने के क्रम में टीम को मस्जिद के बीचोंबीच एक पुराना कुआं मिला।
प्रशासन के मुताबिक, कुएं का व्यास करीब डेढ़ मीटर है और इसकी मौजूदा गहराई 20 से 22 फीट के आसपास बताई जा रही है। कुएं के अंदर भी मलबा भरा होने के कारण इसकी वास्तविक गहराई इससे अधिक हो सकती है। कुएं की बनावट में पुरानी लखौरी ईंटों के इस्तेमाल की बात सामने आई है। इसके इतिहास और उम्र का पता लगाने के लिए प्रशासन ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से संपर्क किया है।
315 वर्ग मीटर में बनी थी दो मंजिला इमारत
कलक्ट्रेट परिसर में करीब 315 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनी मस्जिद को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने अवैध करार दिया था। इसके बाद मुस्लिम पक्ष की ओर से जिला जज की अदालत में भी याचिका दाखिल की गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया।
इसके बाद शनिवार सुबह प्रशासन ने मस्जिद को हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कलक्ट्रेट परिसर के पांचों गेट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक रही।
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान सात बुलडोजर, 12 डंपर और चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का इस्तेमाल किया गया। मस्जिद का मलबा हटाकर उसे परिसर में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर डलवाया गया। रविवार तड़के तक मलबा हटाने का काम पूरा कर लिया गया।
मस्जिद की इमारत में दो बड़े हॉल और पांच कमरे थे। इसमें डाक विभाग को भी एक हिस्सा किराए पर दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
स्लैब हटाने पर सामने आया कुआं
मलबा हटाने के दौरान टीम को एक कंक्रीट का स्लैब मिला। बुलडोजर से इसे हटाने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद पोकलैंड मशीन की मदद से स्लैब को तोड़ा गया। स्लैब हटने के बाद उसके नीचे कुआं दिखाई दिया।
प्रशासन के अनुसार, कुएं का व्यास करीब डेढ़ मीटर और गहराई 20 से 22 फीट है। कुएं के अंदर मलबा होने के कारण इसकी पूरी संरचना अभी स्पष्ट नहीं है।
एसडीएम सदर सुबोध कुमार ने कहा कि बेदखली की कार्रवाई के बाद मलबा हटाते समय कुआं मिला है। प्रशासन इस संबंध में एएसआई से संपर्क कर रहा है। सर्वे और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कुआं कितना पुराना है।
कुएं को लेकर अलग-अलग दावे
कुआं मिलने के बाद इसे लेकर अलग-अलग दावे सामने आने लगे हैं। बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक और मुख्य शिकायतकर्ता विकास त्यागी ने इसे देवस्थान से जोड़ते हुए जांच की मांग की है। उनका दावा है कि भारतीय संस्कृति में कुएं को पूजनीय माना जाता है और संभव है कि इस स्थान का कोई पुराना धार्मिक इतिहास रहा हो।
हालांकि, प्रशासन ने अभी कुएं की ऐतिहासिक या धार्मिक पहचान को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इसकी वास्तविक स्थिति और उम्र का पता विशेषज्ञों की जांच के बाद ही चलेगा।
दूसरे दिन भी कलक्ट्रेट में कड़ी सुरक्षा
ध्वस्तीकरण के अगले दिन रविवार को भी कलक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। पांचों गेट बंद रखे गए और पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। केवल मुख्य गेट से सीमित आवाजाही की अनुमति रही।
प्रशासन और पुलिस ने इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात की है। अधिकारियों का कहना है कि अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम में अब सबसे अहम सवाल कुएं की उम्र, उसकी संरचना और उसके इतिहास से जुड़ा है। प्रशासन ने जांच के लिए एएसआई से संपर्क किया है, इसलिए विशेषज्ञों के सर्वे के बाद ही इस संबंध में कोई ठोस निष्कर्ष सामने आ सकेगा।














