MP By-Election 2026: दतिया में बीजेपी टिकट पर महासंग्राम! नरोत्तम मिश्रा समर्थकों का ग्वालियर-झांसी हाईवे पर चक्काजाम, पूरी जिला कार्यकारिणी का सामूहिक इस्तीफा

दतिया (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा प्रत्याशी की घोषणा करते ही जिले में राजनीतिक भूकंप आ गया है। पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से नाराज उनके हजारों समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं। आक्रोशित समर्थकों ने ग्वालियर-झांसी नेशनल हाईवे पर ‘चक्काजाम’ कर दिया है, जिससे हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। संगठन के स्तर पर पार्टी को सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब आलाकमान के फैसले से नाराज होकर भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह समेत जिले की पूरी कार्यकारिणी ने अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया। मतदान से ठीक पहले संगठन में हुई इस बगावत ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

ग्वालियर-झांसी हाईवे पर 8 किलोमीटर लंबा जाम, बाजार बंद

भाजपा द्वारा दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद से ही नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। कल रात से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन आज सुबह बेहद उग्र हो गया, जब समर्थकों की भारी भीड़ ग्वालियर-झांसी हाईवे पर जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने देखते ही देखते पूरे हाईवे को ब्लॉक कर दिया, जिसके कारण वहां करीब 8 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया है। इस जाम में सैकड़ों मुसाफिर और गाड़ियां फंसी हुई हैं। इसके अलावा, केंद्रीय नेतृत्व के इस फैसले के विरोध में दतिया शहर के कई स्थानीय व्यापारियों ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रखे हैं।

कार्यकर्ताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं: जिला कार्यकारिणी का सामूहिक इस्तीफा

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब दतिया भाजपा के जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह ने पूरी जिला कार्यकारिणी के साथ अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वाले नेताओं का साफ कहना है कि पार्टी आलाकमान का यह फैसला पूरी तरह ‘एकतरफा’ है और यह दतिया में सालों से जमीन पर काम कर रहे वफादार कार्यकर्ताओं का खुला अपमान है। समर्थकों और स्थानीय नेताओं का दावा है कि टिकट वितरण में क्षेत्र की जनता और जमीनी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।

प्रशासन अलर्ट मोड पर, संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी

दतिया में तेजी से बिगड़ते हालातों और भारी तनाव को देखते हुए स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों से हाईवे खाली करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन नरोत्तम मिश्रा के समर्थक टिकट बदलने की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।

जानिए कौन हैं आशुतोष तिवारी, जिनके नाम पर मचा है बवाल?

बीजेपी की ओर से घोषित किए गए उम्मीदवार आशुतोष तिवारी मूल रूप से दतिया जिले के ही रहने वाले हैं। वे अपने छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं और इसके बाद उन्होंने भाजपा संगठन में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहकर सक्रिय भूमिका निभाई है। सांगठनिक अनुभव के धनी आशुतोष तिवारी वर्तमान में भाजपा के मध्य प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके साथ ही वे पूर्व में मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन भी रह चुके हैं। हालांकि, नरोत्तम मिश्रा जैसे कद्दावर नेता के सामने उनकी उम्मीदवारी का स्थानीय स्तर पर कड़ा विरोध हो रहा है।

30 जुलाई को वोटिंग; कांग्रेस ने अभी तक नहीं खोले पत्ते

दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले इस हाई-प्रोफाइल उपचुनाव के लिए क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू है। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, इस सीट पर आगामी 30 जुलाई को मतदान होना है, जबकि चुनावी नतीजे 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे। जहां एक तरफ भाजपा ने अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया है और वह भारी अंतर्कलह से जूझ रही है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अभी तक इस सीट पर अपने उम्मीदवार के नाम का पत्ता नहीं खोला है। भाजपा के इस आंतरिक विवाद के बाद दतिया का चुनावी समीकरण बेहद दिलचस्प हो गया है।

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