
बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में आशनाई के शक और पुरानी रंजिश के चलते एक युवक की निर्मम हत्या का मामला सामने आया है। बेखौफ बदमाशों ने युवक की धारदार हथियार से हत्या की और फिर साक्ष्य मिटाने के लिए शव को उसकी मोटरसाइकिल समेत बागै नदी में फेंक दिया। नरैनी थाना पुलिस ने इस सनसनीखेज अंधे कत्ल की गुत्थी का महज दो दिन (48 घंटे) के भीतर पर्दाफाश करते हुए दो सगे भाइयों सहित तीन आरोपियों को धर दबोचा है।
5 सितंबर को दर्ज हुई थी रिपोर्ट, SP के निर्देश पर बनी थीं टीम
नरैनी थाना क्षेत्र के ग्राम नहरी लक्ष्मी बाजार निवासी जिलेदार ने बीते 5 सितंबर को पुलिस को तहरीर देकर सूचना दी थी कि उनके पुत्र बरकत की अज्ञात लोगों द्वारा हत्या कर शव को बागै नदी में फेंक दिया गया है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए बांदा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जांच टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने सर्विलांस और स्थानीय मुखबिरों की मदद से संदिग्धों पर नजर रखनी शुरू की।
महिला से मोबाइल पर बातचीत बनी खौफनाक वारदात की वजह
मामले की जांच में जुटी नरैनी पुलिस ने 8 सितंबर को तीनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो हत्या की मुख्य वजह सामने आ गई। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी चुनवदा उर्फ रमेश और उसके सगे भाई रामबाबू को शक था कि बरकत उनके परिवार की एक महिला से फोन पर लगातार बातचीत करता है। इसी आशनाई और रंजिश के चलते दोनों भाइयों ने अपने एक साथी अरुण के साथ मिलकर बरकत को रास्ते से हटाने की साजिश रची और मौका मिलते ही धारदार हथियार (बांका) से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
हादसा दिखाने के लिए पुल से नीचे फेंकी थी बाइक
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने वारदात को हादसे का रूप देने और पुलिस को गुमराह करने की नीयत से मृतक के शव को उसकी मोटरसाइकिल सहित बागै नदी के पुल से नीचे पानी में फेंक दिया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों चुनवदा उर्फ रमेश, रामबाबू और अरुण को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही आरोपियों की निशानदेही पर नदी के पानी से आलाकत्ल बांका और मृतक की मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई है।
त्वरित कार्रवाई के बाद न्यायालय भेजे गए तीनों आरोपी
क्षेत्राधिकारी (CO) नरैनी प्रवीण कुमार ने बताया कि पुलिस टीम की सतर्कता से महज दो दिनों में इस मर्डर केस की गुत्थी सुलझा ली गई है। गिरफ्तार किए गए तीनों अभियुक्तों के खिलाफ विधिक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।










