नाना ने एक माह की नातिन को पचास हजार में बेचा, सभी गिरफ्तार

भास्कर समाचार सेवा

बिजनौर। एक माह पूर्व रिश्तों को तार तार करते हुए सगे नाना द्वारा अपनी एक माह की नातिन का अपहरण कर उसे बिहार निवासी दम्पत्ति को पचास हजार रुपये में बेच दिए जाने के सनसनीखेज मामले में एक बार फिर कीर्तिमान स्थापित करते हुए नगीना पुलिस ने अपह्रत बच्ची को सकुशल बरामद कर सभी आरोपियो को गिरफ्तार करने में सफलता हांसिल की है। डीआईजी ने नगीना पुलिस की इस सफलता पर कोतवाल कृष्ण मुरारी दोहरे व उनकी टीम की सराहनीय कार्य व सफलता के लिए 50 हजार रुपये इनाम की घोषणा की है। पुलिस लाइन के सभागार में पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह ने गुरुवार को प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि नगीना के मोहल्ला शेख सराय से 19 अप्रैल 22 की रात्रि को रिक्शा चालक कसीम अहमद की एक माह की बच्ची रात को करीब 3 बजे उस समय गायब हो गई थी जब उसकी मां सहरी के लिए खाना बनाने में व्यस्त थी। बच्ची के इस तरह गायब हो जाने से नगर में हड़कंप मच गया था। सीओ सुमित शुक्ला व कोतवाल कृष्णमुरारी दोहरे ने इस मामले को चुनौती के रूप में लेकर सुरागरसी शुरु कर दी। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 28 अप्रैल को अपहरणकर्ता सगे नाना जफर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी नाना पुलिस को बताया था कि उसने अपनी सगी नातिन का अपहरण कर दिल्ली में किराए पर रह रहे बिहार निवासी दम्पत्ति सुबोध कर्मकार व खुशबू कर्मकार जो निःसन्तान थे को पचास हजार रुपये में बेच दिया था। पुलिस ने अपहरणकर्ता नाना जफर को जेल भेज दिया था लेकिन एक माह की बच्ची को लेकर दिल्ली से फरार हुए आरोपी दम्पत्ति को गिरफ्तार करना व बच्ची सही सलामत बरामद करना बेहद कठिन काम था। एसपी डॉ धर्मवीर सिंह के आदेश व सीओ सुमित शुक्ला के निर्देशन में कोतवाल कृष्ण मुरारी दोहरे व उनकी टीम के कस्बा इंचार्ज कुलदीप राणा, कांस्टेबल कृष्णपाल, आशीष कुमार व महिला सिपाही स्वाति ने गुरुवार को अपह्रत बच्ची के माता पिता की सूचना पर मुरादबाद रेलवे स्टेशन से फरार आरोपी सुबोध कर्मकार पुत्र भोपाल कर्मकार व उसकी पत्नी खुशबू कर्मकार निवासीगण जिला कटिहार राज्य बिहार को दबोच लिया और अपह्रत बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में आरोपी खुशबू व सुबोध कर्मकार ने पुलिस को बताया कि वे दिल्ली में किराए के मकान में रहते थे उनके बच्चे नहीं होते थे इसलिए उन्होंने इस बच्ची को जफर से पचास हजार रुपये में खरीद लिया था दस हजार रुपये तुरंत दे दिए थे और बाकी बचे चालीस हजार रुपये बाद में देना तय हुआ था। इस बहुचर्चित मामले में बच्ची को सकुशल बरामद करना व आरोपियों को गिरफ्तार करना बहुत कठिन कार्य था लेकिन नगीना पुलिस की अथक मेहनत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराधी कहीं भी हो बच नहीं सकता। डीआईजी (मुरादाबाद) शलभ माथुर ने नगीना पुलिस की इस सफलता पर कोतवाल कृष्ण मुरारी दोहरे व उनकी टीम के लिए 50 हजार रुपये इनाम की घोषणा की है।

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