समुद्री व्यापारिक मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में शुक्रवार को 27 भारतीय कर्मचारियों को ले जा रहे एक तेल टैंकर पर सनसनीखेज हमला हुआ. पनामा के झंडे वाले इस कमर्शियल जहाज का नाम MT LOUISE 1 है. अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक छोटी नाव के जरिए आए अज्ञात हमलावरों ने जहाज के निचले हिस्से पर दो खतरनाक लिम्पेट माइंस (Limpet Mines) चिपका दीं. यह एक विशेष प्रकार की समुद्री खदान होती है, जिसे जहाजों के बाहरी हिस्से पर चिपकाकर विस्फोट किया जाता है. इस माइंस धमाके के कारण जहाज के इंजन रूम में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे कुछ समय के लिए जहाज का कामकाज और संचालन पूरी तरह ठप पड़ गया.
क्रू ने पाया आग पर काबू, नहीं हुआ कोई जान-माल का नुकसान
धमाके और इंजन रूम में आग लगने के तुरंत बाद जहाज पर मौजूद मुस्तैद कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया. इस राहत भरी खबर के बीच राहत की बात यह रही कि घटना में किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई और समुद्र में तेल का रिसाव (Oil Spill) भी नहीं हुआ. स्थिति नियंत्रण में आने के बाद टैंकर ने अपना सफर पुनः शुरू कर दिया. ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी (UKMTO) के मुताबिक, यह हमला ओमान के खासाब शहर से करीब 46 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में अंजाम दिया गया. इस क्षेत्र में जारी हालिया संघर्षों के बाद होर्मुज स्ट्रेट में लिम्पेट माइंस से हमला करने की यह पहली सफल घटना सामने आई है.
क्यों खतरनाक हैं लिम्पेट माइंस? जानिए कैसे किया जाता है हमला
रॉयटर्स के अनुसार, इस रणनीतिक समुद्री इलाके में लिम्पेट माइंस के इस्तेमाल की पहली घटना साल 2017 में दर्ज की गई थी. इसके बाद से कई बार इस संवेदनशील रास्ते से गुजरने वाले अंतर्राष्ट्रीय तेल टैंकरों को निशाना बनाने के लिए इनका इस्तेमाल होता रहा है. ग्रीस की प्रतिष्ठित समुद्री सुरक्षा कंपनी ‘मेरिस्क्स’ ने जानकारी दी कि ये माइंस बेहद सस्ती होती हैं और आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं. सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी छोटी बोट या नाव के सहारे तेजी से गुजरते हुए विशालकाय जहाज की बॉडी पर ऐसी माइंस चिपका देना हमलावरों के लिए बेहद आसान, कम खर्चीला और अत्यधिक असरदार तरीका माना जाता है.
एक दिन पहले दूसरे टैंकर MT ARZANAH पर भी हुआ था हमला
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव की यह अकेली घटना नहीं है, इससे ठीक एक दिन पहले लाइबेरिया के झंडे वाले एक अन्य विशालकाय तेल टैंकर ‘MT ARZANAH’ को भी निशाना बनाया गया था. इस जहाज पर भी 2 भारतीय नागरिक सवार थे, जिस पर किसी अज्ञात वस्तु या मिसाइल/ड्रोन से हमला किया गया था. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य व राजनीतिक संघर्ष के बाद से ही होर्मुज स्ट्रेट जैसे बेहद महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग पर कमर्शियल जहाजों पर हमलों की तादाद में भारी इजाफा देखा जा रहा है. ईरान पर आरोप है कि वह इस रास्ते से गुजरने के नियमों के उल्लंघन का हवाला देकर लगातार जहाजों को निशाना बना रहा है, ताकि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर अपना वर्चस्व दिखा सके और अमेरिका पर कूटनीतिक दबाव बना सके.
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल का बयान: सभी भारतीय नाविक सुरक्षित
इस पूरे घटनाक्रम पर भारत सरकार पूरी नजर बनाए हुए है. केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि जहाजों पर सवार सभी 27 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को भी कोई चोट या नुकसान नहीं पहुंचा है. उन्होंने आश्वस्त किया कि जहाजरानी मंत्रालय और भारत सरकार पल-पल के हालात पर पैनी नजर रख रही है तथा भारतीय कर्मचारियों की पुख्ता सुरक्षा और देखरेख सुनिश्चित करने के लिए संबंधित जहाज संचालक कंपनियों (Shipping Companies) के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है.



















