कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से बड़ी और भयावह खबर सामने आ रही है। नारायणी नदी के विकराल और तेज बहाव के आगे ततवा टोला के पास बना एक प्रमुख तटबंध सोमवार देर रात ढह गया। तटबंध टूटने के साथ ही नदी का पानी प्रचंड रफ्तार से आसपास के रिहाइशी इलाकों और गांवों में प्रवेश कर गया। इस घटना से कई गांवों में जलप्रलय जैसी स्थिति पैदा हो गई है और बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
देर रात तक स्थिति पर नजर, एक्शन मोड में दिखे सीएम योगी
हादसे की खबर मिलते ही राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद कमान संभालते हुए देर रात तक पल-पल का अपडेट लेते रहे। सीएम योगी ने गोरखपुर के कमिश्नर, पुलिस के एडीजी, कुशीनगर के जिलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से फोन पर सीधी बातचीत कर जमीनी हालात का जायजा लिया और तुरंत कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए।
सुरक्षित ठिकानों पर भेजे जा रहे ग्रामीण, रेस्क्यू में जुटीं NDRF और SDRF की टीमें
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि प्रभावित क्षेत्रों में बिना किसी ढिलाई के तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किए जाएं। खतरे के घेरे में आए सभी ग्रामीणों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के आदेश जारी किए गए हैं। मोर्चे पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को झोंक दिया गया है, जो युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हुई हैं।
आगामी त्योहारों को लेकर अलर्ट, जल निकासी और सैनिटाइजेशन पर जोर
राज्य में पिछले तीन-चार दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के बाद सोमवार को भले ही आसमान साफ हुआ हो, लेकिन आगामी प्रमुख त्योहारों को देखते हुए शासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। शहरी विकास और ऊर्जा विभाग के आला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जलभराव वाले इलाकों से सबसे पहले पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए। बाढ़ और पानी उतरने के बाद संक्रामक बीमारियों का खतरा न फैले, इसके लिए तुरंत बड़े पैमाने पर साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन अभियान चलाने तथा सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के कड़े आदेश जारी किए गए हैं।
बिजली आपूर्ति बहाल करने और बीमारियों से बचाव के लिए बैठकों का दौर
नगरीय विकास और ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने उच्चस्तरीय बैठक कर जलभराव, ड्रेनेज, और बीमारियों की रोकथाम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। वहीं ऊर्जा विभाग के डिस्कॉम (DISCOMs) और वरिष्ठ इंजीनियरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में उन्होंने बारिश से क्षतिग्रस्त हुए पावर इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा की। बिजली व्यवस्था को तुरंत पटरी पर लाने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त मशीनरी और मैनपावर तैनात कर जल्द से जल्द निर्बाध सप्लाई बहाल करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।















