Russia NATO War Tension: यूक्रेन युद्ध के लंबे खींचने के बाद अब रूस और यूरोपीय देशों के बीच सीधे टकराव की आशंका बेहद बढ़ गई है। पश्चिमी देशों की खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नाटो (NATO) की ताकत और उसके ‘आर्टिकल 5’ की असलियत परखने के लिए यूरोप के किसी क्षेत्र पर बड़ा हमला कर सकते हैं। इस संभावित हमले के लिए रूस का सबसे घातक गैर-परमाणु हथियार—FOAB (Father of All Bombs) चर्चा के केंद्र में आ गया है। इस खतरे को देखते हुए पोलैंड, फ्रांस और जर्मनी समेत तमाम यूरोपीय देश हाई अलर्ट पर आ गए हैं।
क्या है FOAB? परमाणु बम जितनी तबाही, पर बिना रेडिएशन
FOAB (फादर ऑफ ऑल बम) दुनिया का सबसे शक्तिशाली गैर-परमाणु (Non-Nuclear) वैक्यूम बम है। इसे थर्मोबेरिक हथियार भी कहा जाता है। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
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भयंकर तबाही: 7,100 किलोग्राम वजनी यह बम फटने पर 44 टन TNT के बराबर ऊर्जा और धमाका पैदा करता है। यह अमेरिका के ‘मदर ऑफ ऑल बम’ (MOAB) से लगभग 4 गुना ज्यादा शक्तिशाली है।
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ऑक्सीजन सोखने की क्षमता: यह बम हवा में (जमीन से थोड़ा ऊपर) ही फटता है और आसपास के वातावरण से पूरी तरह ऑक्सीजन सोख लेता है। इससे एक भयंकर वैक्यूम (शून्य) बनता है, जिससे बंकरों में छिपे लोगों का भी दम घुटने से मौत हो जाती है।
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अत्यधिक तापमान और शॉकवेव: इसके दूसरे चरण में उत्पन्न होने वाले शॉकवेव और अत्यधिक तापमान वाली आग से लोहा तक पिघल जाता है। यह धमाका 300 से 1,000 मीटर के दायरे में आने वाली हर चीज को पूरी तरह भस्म कर देता है।
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बिना रेडिएशन की तबाही: इसकी सबसे बड़ी बात यह है कि यह परमाणु बम जैसा ही भयानक विनाश करता है, लेकिन इससे कोई हानिकारक रेडियोएक्टिव रेडिएशन नहीं फैलता।
नाटो को सकते में डालने की रणनीति, फ्रांस-पोलैंड में आपात बैठकें
यूरोपीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, रूस ऐसा पहला प्रहार करना चाहता है जिससे नाटो जवाबी कार्रवाई की हिम्मत न जुटा सके और अमेरिका को बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर होना पड़े।
इस खतरे को लेकर पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने संसद में चेतावनी दी, जिसे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ‘पुख्ता साक्ष्यों पर आधारित’ बताया। फ्रांस में आपातकालीन बैठक बुलाई गई है, जहाँ खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि रूस हाइब्रिड वॉर और संभावित हमलों की तैयारी कर रहा है।
यूरोप की चौकसी: पोलैंड बना रहा ‘स्मार्ट बॉर्डर’, जर्मनी संभालेगा नाटो की कमान
रूस के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए यूरोपीय देशों ने सैन्य तैयारियों को तेज कर दिया है:
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जर्मनी का नेतृत्व: 19 सितंबर को कोपेनहेगन में हुई नाटो सैन्य समिति की बैठक के बाद जर्मनी के जनरल कार्स्टन ब्रेउर को नाटो का नया सैन्य प्रमुख चुना गया है। जर्मनी वर्तमान में यूरोप में रक्षा पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाला नाटो सदस्य है।
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पोलैंड का हाई-टेक सुरक्षा प्लान: पोलैंड-यूक्रेन सीमा के करीब रूसी ड्रोन और मिसाइल हमलों को देखते हुए पोलैंड अपनी सीमाओं पर AI-आधारित ग्राउंड सेंसर्स, थर्मल/इन्फ्रारेड कैमरे, लेजर बैरियर, रडार और ऑटोमैटिक सायरन सिस्टम तैनात कर रहा है। घुसपैठ की सूचना मिलते ही ऑटोमैटिक ड्रोन लॉन्च होकर लाइव फीड सेना को भेजेंगे।
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बाल्टिक देश सतर्क: रूस की सीमा से सटे बाल्टिक देश (एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया) भी अपनी सीमाओं की सुरक्षा और सैन्य उपस्थिति को बढ़ा रहे हैं।















