अयोध्या, बनारस और मथुरा कचहरी को बम से उड़ाने की सनसनीखेज धमकी, वकीलों और पुलिस प्रशासन में हड़कंप

अयोध्या, वाराणसी और मथुरा के सिविल कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की एक धमकी भरा ई-मेल सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में भारी हड़कंप मच गया है। इस गंभीर खतरे के सामने आने के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन ने तीनों जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चाक-चौबंद कर दिया है और ई-मेल भेजने वाले असामाजिक तत्वों की सुरागरसी के लिए ताबड़तोड़ जांच शुरू कर दी गई है।

ई-मेल के जरिए दी गई कचहरी परिसरों को उड़ाने की धमकी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अयोध्या, बनारस और मथुरा की कचहरियों को निशाना बनाने की यह धमकी एक ई-मेल के माध्यम से दी गई है। यह धमकी भरा संदेश 4 नवंबर को प्राप्त हुआ था, जिसमें 8 नवंबर से 27 नवंबर के बीच किसी भी दिन तीनों जिलों के सिविल कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की बात कही गई है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से ही न्याय परिसरों में वकीलों और वादकारियों के बीच चिंता का माहौल बन गया है।

दीपोत्सव और वीआईपी मूवमेंट को बाधित करने की गहरी साजिश

सेंट्रल बार एसोसिएशन अयोध्या के महामंत्री एवं वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार जायसवाल ने इस पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह कायराना हरकत ऐसे समय में सामने आई है जब प्रदेश में बड़े स्तर पर दीपोत्सव के आयोजन और लगातार वीआईपी मूवमेंट चल रहे हैं। उनका मानना है कि इन महत्वपूर्ण आयोजनों की सफलता और शांति को प्रभावित करने के साथ-साथ राज्य में भय का माहौल पैदा करने के लिए यह सोची-समझी साजिश रची गई है।

सुरक्षा एजेंसियां और खुफिया तंत्र हुआ सक्रिय, साइबर सेल कर रही है ट्रैकिंग

मामले की अत्यधिक गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन, यूपी पुलिस की खुफिया एजेंसियां और तमाम केंद्रीय व राज्य स्तरीय जांच टीमें युद्ध स्तर पर सक्रिय हो गई हैं। साइबर सेल की टीमें इस तकनीकी पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं कि आखिरकार यह संदिग्ध ई-मेल किस सर्वर और किस लोकेशन से जनरेट किया गया था तथा इसे भेजने के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है। कचहरी परिसरों के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती कर दी गई है और हर आने-जाने वाले पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

अधिवक्ता संघ के महामंत्री की आम जनता और वकीलों से विशेष अपील

इस आपात स्थिति को देखते हुए बार एसोसिएशन अयोध्या के महामंत्री एवं अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार जायसवाल ने सभी वकीलों, न्यायिक अधिकारियों और आम नागरिकों से पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि कचहरी परिसर या आसपास के इलाकों में यदि कोई भी अज्ञात वस्तु, लावारिस बैग या संदिग्ध सामग्री दिखाई दे तो उसे बिल्कुल भी न छुएं। इसके अलावा, किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि महसूस होते ही उसकी तुरंत सूचना नजदीकी पुलिस प्रशासन को दें ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते टाला जा सके।

 

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