कामारेड्डी (तेलंगाना)। तेलंगाना के कामारेड्डी जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के पवित्र रिश्ते को कलंकित करते हुए एक महिला ने अपने दो प्रेमियों के साथ मिलकर पति की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को हादसे की शक्ल देने के लिए आरोपियों ने शव को झील में फेंक दिया। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस की तफ्तीश ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा दी है। पुलिस ने आरोपी पत्नी और उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
शराब पार्टी के बहाने बुलाया और घोंट दिया गला
यह खौफनाक मामला कामारेड्डी जिले के हनमाजीपेट गांव का है। मृतक की पहचान 26 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर चकाली उर्फ गुम्माडी काशीराम के रूप में हुई है।
पुलिस तफ्तीश के मुताबिक, 23 अक्टूबर की रात साजिश के तहत आरोपी काशीराम को शराब पीने के बहाने गांव के बाहरी इलाके में ले गए। जब काशीराम अत्यधिक नशे की हालत में आ गया, तो आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। एक प्रेमी पसुपुला संतोष (25) ने काशीराम के हाथ मजबूती से दबोच लिए ताकि वह बचाव न कर सके, वहीं दूसरे प्रेमी चिंताकंडी रामू (26) ने नायलॉन की रस्सी से उसका गला घोंट दिया। इस पूरी साजिश में मृतक की 25 वर्षीया पत्नी गुम्माडी सविता मुख्य सूत्रधार रही।
हादसे का रूप देने के लिए झील में फेंका शव
पति की हत्या करने के बाद आरोपियों ने साक्ष्यों को मिटाने और कानून की आंखों में धूल झोंकने की नाकाम कोशिश की। उन्होंने शव को पास की ‘पचेरा चेरुवु’ झील में फेंक दिया ताकि दुनिया को लगे कि काशीराम की मौत डूबने से हुई एक दुर्घटना है।
23 अक्टूबर की रात जब झील में शव बरामद हुआ, तो शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध मौत का लग रहा था। मृतक के पिता चकाली भूमैया की शिकायत पर बांसवाड़ा पुलिस ने प्राथमिक मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने खोली साजिश की परतें
मामले ने तब नया मोड़ लिया जब काशीराम की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट में साफ हुआ कि युवक की मौत डूबने से नहीं, बल्कि गला घोंटने के कारण हुई थी।
इसके बाद पुलिस ने मामले को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) में तब्दील कर दिया। पुलिस टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, मोबाइल कॉल डिटेल्स और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया, जिसके तार सीधे मृतक की पत्नी सविता और उसके प्रेमियों से जुड़े।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए
कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए बांसवाड़ा पुलिस ने 30 अक्टूबर को हनमाजीपेट गांव से तीनों आरोपियों—गुम्माडी सविता, चिंताकंडी रामू और पसुपुला संतोष को धर दबोचा। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और अन्य अहम साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 103 (हत्या), धारा 238 (साक्ष्य मिटाना) और धारा 3(5) (साझा मंशा) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।



















