नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए 28 अक्टूबर (सुबह) का कारोबार बेहद खराब और निराशाजनक साबित हुआ। बाजार खुलते ही प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में गहरे गोता लगाते नजर आए। बाजार की शुरुआत भारी गैप-डाउन ओपनिंग के साथ हुई, जिसके बाद बिकवाली का ऐसा जबरदस्त दबाव बना कि देखते ही देखते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक लुढ़क गया। शुरुआती कारोबार में सुबह 9:20 बजे सेंसेक्स 712.74 अंक यानी 0.97 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ 72,885.93 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 186.90 अंक यानी 0.82 फीसदी टूटकर 22,562.85 के स्तर पर आ गया।
बाजार में चौतरफा बिकवाली, 1500 से ज्यादा शेयर टूटे
दलाल स्ट्रीट पर आज चौतरफा बिकवाली का माहौल रहा। शुरुआती कारोबार के दौरान ही करीब 1,540 शेयरों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, इस भारी उठापटक के बीच भी लगभग 1,100 शेयरों में खरीदारी का रुझान दिखा और वे हरे निशान में रहे, जबकि 145 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। कुल मिलाकर शुरुआती कारोबार में ही बाजार के प्रमुख इंडेक्स 0.9 फीसदी तक नीचे फिसल चुके थे।
सऊदी अरब में तेल रिफाइनरी पर हमला, कच्चा तेल हुआ आगबबूला
भारतीय बाजार की इस भारी तबाही के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आया बेकाबू उछाल है। दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक देश सऊदी अरब की एक प्रमुख रिफाइनरी पर हमले की खबर सामने आई है। इस भू-राजनीतिक घटना के बाद पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई बाधित होने का बड़ा डर पैदा हो गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई फिर से बढ़ने की चिंता गहरी हो गई है। इसका सीधा असर कमोडिटी मार्केट पर पड़ा और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 1.6 फीसदी का बड़ा उछाल आ गया। कच्चा तेल उछलकर सीधे 115.7 डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है, जिसका बेहद नकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजार के सेंटिमेंट पर पड़ा।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी निवेशकों की निगाहें
घरेलू निवेशकों की नजरें आज देर शाम आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व (FOMC) के अहम ब्याज दर फैसले पर भी टिकी हुई हैं। हालांकि बाजार को यह उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा और उन्हें स्थिर बनाए रखेगा, लेकिन असली चिंता फेड के गवर्नर के आने वाले बयानों को लेकर है। कच्चे तेल के दामों में लगी आग से दुनिया भर में महंगाई का दबाव एक बार फिर बढ़ रहा है। ऐसे में भविष्य की मौद्रिक नीति (Monetary Policy) को लेकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व क्या रुख अपनाता है, यह दुनिया भर के बाजारों के लिए बेहद अहम होगा। इसी अनिश्चितता के चलते निवेशक फिलहाल जोखिम भरे निवेश से बच रहे हैं।
आईटी शेयरों में सबसे बड़ी तबाही, इंफोसिस और एचसीएल टेक धड़ाम
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मार आईटी शेयरों पर पड़ी है। आईटी इंडेक्स में 3 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है, ऐसे में अमेरिका से जुड़े नकारात्मक संकेतों को भांपते हुए आईटी शेयरों में 2.3 फीसदी से अधिक की बिकवाली देखी गई। इस सेक्टर के दिग्गजों में इंफोसिस और एचसीएल टेक सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर रहे। इंफोसिस का शेयर 4.6 फीसदी तक लुढ़क गया, जबकि एचसीएल टेक के शेयरों में भी 3.2 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।














