
नैमिषारण्य/सीतापुर। धार्मिक नगर नैमिषारण्य तीर्थ में आज बैसाख मास की बुध पूर्णिमा का पावन पर्व बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा अटूट श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया, हिंदू कैलेंडर के अनुसार भगवान गौतम बुद्ध की जयंती वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति भी हुई थी।
गौतम बुध की जयंती हिंदू और बौद्ध धर्म के अनुयायी मनाते हैं। इसके साथ ही भारत के अलावा विश्व में कई ऐसे देश हैं जहां पर भगवान गौतम बुद्ध को माना जाता है. कई देशों में बुद्ध पूर्णिमा मनाने के अलग-अलग तरीके हैं. आज बैसाख पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने तीर्थ में भगवान श्री विष्णु व पीपल के पेड़ का पूजन किया साथ ही तीर्थ पुरोहितों, साधु सन्तो व मठ मंदिरों में दान भी किया।
आज सुबह 4 बजे से श्रद्धालुओ द्वारा गोमती नदी के राजघाट के साथ चक्रतीर्थ प्रांगण पर स्नान और पूजन विधान का क्रम शुरू हुआ जो दिन बढ़ने के साथ साथ तेज होता गया, चक्रतीर्थ और गोमती में स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने जहां पुरोहितों को दान दक्षिणा दी वही तीर्थ के प्रमुख मंदिरों माँ ललिता देवी, हनुमान गढ़ी, व्यास गद्दी, सूतगद्दी, कालीपीठ, देवदेवेश्वर आदि स्थलों पर परम्परानुसार पूजन अर्चन कर शीश नवाया, आज तीर्थ में सुबह सूर्योदय के बाद से ही लोगो द्वारा पिंडदान, श्राद्ध और पित्र अनुष्ठानों का भी दौर चलता रहा, सुबह 4 बजे से शुरू हुआ श्रद्धालुओं द्वारा तीर्थ में दर्शन पूजन का ये पावन क्रम देर शाम तक चलता रहा, दिन की समाप्ति तक आस्था का ये संगम भीड़ के घटते बढ़ते क्रम के साथ पूरे दिन यूँ ही चलता रहा ।










