
अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक फार्म हाउस में 23 वर्षीय युवती के साथ कथित गैंगरेप का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए चारों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हैरान कर देने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में यूपी पुलिस का एक सब-इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और सीआरपीएफ (CRPF) के दो जवान शामिल हैं। पुलिस सभी आरोपियों को कोर्ट के समक्ष पेश कर कानूनी रिमांड की प्रक्रिया में जुटी है।
22-23 सितंबर की रात फार्म हाउस में हुई वारदात
पुलिस के मुताबिक, घटना 22 और 23 सितंबर 2026 की दरम्यानी रात की है। पीड़ित युवती पहले से सीआरपीएफ जवान मोहित उर्फ विक्की और इंस्पेक्टर लालाराम यादव से परिचित थी। दोनों से उसकी मुलाकात हरियाणा के सोनीपत में हुई थी।
22 सितंबर को दोनों सीआरपीएफ जवान युवती को मुजफ्फरनगर से धार्मिक स्थल ले जाने का झांसा देकर अमरोहा के हसनपुर पहुंचे। वहां मोहित की मुलाकात अपने पुराने परिचित और हसनपुर थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर संजय तोमर से हुई। इसके बाद सभी झुलपुरी स्थित एक फार्म हाउस पहुंचे और रुकने के लिए दो कमरे किराये पर लिए।
खाना लेकर पहुंचा पुलिसकर्मी और शुरू हुई दरिंदगी
शुरुआती जांच के अनुसार, कुछ देर बाद पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल प्रमोद खाना लेकर फार्म हाउस पहुंचा। इसके बाद आरोपियों ने युवती के साथ जबरदस्ती और गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया।
पीड़िता ने जैसे-जैसे हिम्मत जुटाकर पुलिस को सूचना दी, पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर तत्काल केस दर्ज कर लिया और चारों आरोपियों को मौके से ही हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल:
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लालाराम यादव: इंस्पेक्टर, CRPF (156वीं बटालियन, न्यू बोगाईगांव, असम) – निवासी अलवर, राजस्थान।
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विक्की उर्फ मोहित: हेड कांस्टेबल, CRPF (5वीं बटालियन, दिल्ली) – निवासी मुजफ्फरनगर, यूपी।
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संजय तोमर: सब-इंस्पेक्टर (हसनपुर थाना, अमरोहा) – निवासी बागपत, यूपी।
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प्रमोद: हेड कांस्टेबल (पुलिस लाइन, अमरोहा) – निवासी मुजफ्फरनगर, यूपी।
एसपी लखन सिंह यादव का बयान: ‘होगी सख्त कार्रवाई’
अमरोहा के एसपी लखन सिंह यादव ने बताया कि पीड़िता की लिखित तहरीर पर हसनपुर थाने में सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पीड़िता को झांसा देकर लाया गया था।
पुलिस की फोरेंसिक टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और पीड़िता के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। एसपी ने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जिसकी जो भी भूमिका पाई जाएगी, उसी के अनुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।











