
किसान संघर्ष समिति ने दो दिन का दिया अल्टीमेटम वृंदावन में यमुना खादर की जमीन से किसानों को किया गया है बेदखल
भास्कर समाचार सेवा
मथुरा। यमुना खादर की जमीन से किसान बेदखली प्रकरण में प्रशासन और किसान संघर्ष समिति के बीच सोमवार को हुई वार्ता बिना किसी नतीजे पर पहुंचे खत्म हो गई। संघर्ष समिति ने अपनी मांगे आगे बढाते हुए प्रशासन को दो दिन का समय दिया है। इसके बाद नए शिरे से आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। पक्षों में करीब डेढ़ घंटे चली वार्ता विफल रही। वृंदावन के कालीदह क्षेत्र में यमुना खादर की जमीन से बेदखल किए गए किसानों द्वारा वृंदावन परिक्रमा मार्ग स्थित कालीदह पार्क में अनशन किया जा रहा है। कई राजनीतिक, सामाजिक और किसान संगठनों का पीड़ित परिवारों को समर्थन मिला है। कांग्रेस, रालोद, बसपा के नेता धरना स्थल पर पहुंच कर पीड़ित परिवारों का समर्थन कर चुके हैं। किसान संगठन भी आंदोलन से जुड़े हैं। प्रशासन की ओर से नगर मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी अनशनकारियों से लगातार बात कर रहे हैं। दोनों अधिकारी अनशन स्थल पर कई दौर की बात कर चुके हैं। किसानों की ओर से किसान संघर्ष समिति का गठन किया गया है जो अधिकारियों से बात कर रही है। सोमवार को समिति के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में पीड़ित परिवारों की ओर से अधिकारियों के सामने पक्ष रखा। नगर मजिस्ट्रेट सौरभ दुबे, उप जिलाधिकारी प्रीति जैन, सीईओ प्रवीण मलिक के साथ हुई वार्ता के दौरान वार्ता के दौरान कुं नरेंद्र सिंह, छीतर सिंह एड, राजकुमार तोमर, पवन चतुर्वेदी, लुकेश कुमार राही, रमेश सैनी, देवेंद्र रघुवंशी, दामोदर प्रसाद स्वामी, ताराचंद गोस्वामी, राजवीर सिंह, नीता एड, सूरज निषाद, श्यामसुंदर निषाद, राज निषाद, श्याम निषाद, धर्मपाल निषाद, अमर सिंह निषाद, राजवीर सिंह, सुमन सिंह, विवेक कुमार, जितेंद्र कुमार, आकाश बाबू, अशोक कुमार मौजूद रहे।












