जालंधर/मंडी: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) परिसर में हुई हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक नाबालिग छात्र को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी एलपीयू का ही छात्र है, जिसके पिता मंडी के उपायुक्त (DC) कार्यालय में अधिकारी पद पर तैनात हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हिंसा और उपद्रव के दौरान इस नाबालिग छात्र की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थी। इस तस्वीर में वह कैंपस में स्थापित लड़ाकू विमान के ऊपर खड़ा दिख रहा है और उसके ठीक पीछे आग की लपटें उठती नजर आ रही हैं। सोशल मीडिया पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इस फोटो को शेयर कर उसे ‘हीरो’ की तरह पेश किया जा रहा था। फिलहाल पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया के तहत उसके खिलाफ आरोपों की जांच कर रही है।
मिग-23 और 1971 के टैंक पर चढ़े उपद्रवी, चांसलर अशोक मित्तल बोले- यह देश और सेना का अपमान
विश्वविद्यालय परिसर के बाहर स्थापित मिग-23 (Mig-23) लड़ाकू विमान और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में इस्तेमाल किए गए सेना के टैंक पर प्रदर्शनकारियों के चढ़ने की घटना पर एलपीयू के चांसलर और भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने सख्त नाराजगी जताई है।
अशोक मित्तल ने कहा कि ये सैन्य उपकरण परिसर के बाहर देश की सेनाओं के सम्मान, पराक्रम और युवाओं में देशभक्ति की प्रेरणा जगाने के लिए लगाए गए हैं। हिंसा के दौरान इन ऐतिहासिक सैन्य धरोहरों पर चढ़कर हुड़दंग मचाना सीधे तौर पर देश और भारतीय सेना के शूरवीरों का अपमान है।
सीसीटीवी फुटेज से 40 की पहचान, अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार
चांसलर अशोक मित्तल के अनुसार, एलपीयू हिंसा मामले में पुलिस अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में 2 से 3 बाहरी व्यक्ति शामिल हैं, जबकि बाकी सभी एलपीयू के ही छात्र हैं।
पुलिस की विशेष जांच टीम सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया वीडियो और अन्य डिजिटल सबूतों के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है। जांच के दौरान अब तक लगभग 40 संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है, जिन्हें जल्द ही नामजद कर कानूनी कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा।
















