
बेंगलुरु। कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने सरकारी और राजकीय कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो पद गाने का आदेश जारी किया है। हालांकि, सरकार के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सभी छह पद गाए जाएंगे।
इसके अलावा जिन कार्यक्रमों में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व होगा, वहां भी राष्ट्रगीत के सभी छह पद गाने का निर्देश दिया गया है। राज्य सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक विवाद जारी है।
सामान्य सरकारी कार्यक्रमों में सिर्फ दो पद
कर्नाटक सरकार के आदेश के मुताबिक, राज्य में होने वाले सामान्य आधिकारिक सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो पद ही गाए जाएंगे।
हालांकि, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। इन कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के सभी छह पद गाए जाएंगे।
इसी तरह, जिन आधिकारिक कार्यक्रमों में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व होगा, वहां भी ‘वंदे मातरम’ के सभी छह पद गाने का निर्देश दिया गया है।
जनवरी में केंद्र ने जारी किया था प्रोटोकॉल
दरअसल, जनवरी 2026 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगीत के गायन को लेकर विस्तृत प्रोटोकॉल जारी किया था। इसके तहत आधिकारिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के सभी छह पद बजाने या गाने का प्रावधान किया गया था।
केंद्र के इस निर्देश के बाद कांग्रेस की ओर से इसका विरोध किया गया था। पार्टी ने कहा था कि उसके कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल पहले दो पद ही गाए जाएंगे।
अब कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की ओर से सामान्य सरकारी कार्यक्रमों में शुरुआती दो पद गाने का आदेश जारी किए जाने को इसी विवाद के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्रपति, PM और राज्यपाल के कार्यक्रमों में सभी छह पद
कर्नाटक सरकार ने अपने आदेश में अलग-अलग तरह के कार्यक्रमों के लिए अलग व्यवस्था तय की है। सामान्य सरकारी कार्यक्रमों में जहां शुरुआती दो पद गाए जाएंगे, वहीं राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों में सभी छह पद गाने होंगे।
इसके अलावा केंद्र सरकार के प्रतिनिधित्व वाले कार्यक्रमों में भी पूरे छह पदों का गायन किया जाएगा।
कांग्रेस-भाजपा के बीच पहले से जारी है विवाद
‘वंदे मातरम’ को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच पिछले कुछ समय से राजनीतिक बयानबाजी चल रही है। केंद्र सरकार की ओर से सभी छह पदों के गायन को लेकर प्रोटोकॉल तय किए जाने के बाद कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई थी।
कांग्रेस का कहना रहा है कि उसके कार्यक्रमों में केवल शुरुआती दो पद गाए जाएंगे। अब कर्नाटक सरकार के आदेश में भी सामान्य सरकारी कार्यक्रमों के लिए शुरुआती दो पदों का प्रावधान किया गया है।
वहीं, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल या केंद्र सरकार के प्रतिनिधित्व वाले कार्यक्रमों में सभी छह पद गाने की व्यवस्था की गई है। ऐसे में कर्नाटक सरकार ने अपने आदेश में कार्यक्रम की प्रकृति और उसमें मौजूद संवैधानिक पदाधिकारियों के आधार पर अलग-अलग प्रोटोकॉल तय किया है।
कर्नाटक सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब ‘वंदे मातरम’ के गायन और उसके प्रोटोकॉल को लेकर केंद्र सरकार और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बहस जारी है।















