यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों का सियासी गणित: सपा और बीजेपी के दांव से फंसा पेच, जानिए जीत का गणित

 लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब बेहद रोचक और दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) दोनों ही अपने निर्धारित कोटे से एक-एक अतिरिक्त उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारने की रणनीति बना रहे हैं। यदि दोनों ही दल अतिरिक्त प्रत्याशी खड़ा करते हैं, तो सभी सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन के बजाय मतदान होना तय माना जा रहा है।

सपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने तीसरे उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगा दी है और उनके नामांकन का पर्चा भी तैयार कराया जा चुका है। हालांकि, सपा अपने तीसरे नाम का औपचारिक ऐलान नामांकन के अंतिम दिन यानी मंगलवार (6 अक्टूबर) को ही कर सकती है। सपा नेतृत्व फिलहाल बीजेपी की उम्मीदवारों की सूची और रणनीति पर सतर्कता से नजर बनाए हुए है।

बीजेपी के कदम के बाद सपा खोलेगी अपने पत्ते

सपा सूत्रों के मुताबिक, पार्टी तीसरे प्रत्याशी को लेकर अपनी पूरी व्यूहरचना तैयार कर चुकी है, लेकिन वह बीजेपी की चाल का इंतजार कर रही है। हालांकि सपा सोमवार को भी नाम सामने ला सकती है, लेकिन सर्वाधिक संभावना यही है कि मंगलवार को अंतिम समय पर ही पत्ते खोले जाएं।

सपा इससे पहले अपने दो प्रमुख प्रत्याशियों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर चुकी है:

  • प्रो. रामगोपाल यादव (पार्टी के वरिष्ठ नेता)

  • धनराज नाथवानी (रिलायंस समूह के कंसल्टेंट)

निर्विरोध निर्वाचन या मतदान? जानिए जीत का गणित

मौजूदा विधानसभा के आंकड़ों के हिसाब से यदि सपा केवल 2 और बीजेपी 8 प्रत्याशियों तक सीमित रहती है, तो सभी 10 सीटों पर चुनाव निर्विरोध संपन्न हो जाएगा। लेकिन यदि किसी भी दल ने एक भी अतिरिक्त उम्मीदवार उतारा, तो 16 अक्टूबर को मतदान कराना अनिवार्य हो जाएगा।

  • प्रथम वरीयता मत की आवश्यकता: राज्यसभा चुनाव में प्रत्येक उम्मीदवार को जीत दर्ज करने के लिए कम से कम 36 प्रथम वरीयता मतों (Votes) की आवश्यकता होगी।

  • सपा का दावा: सपा का मानना है कि उसके पास मौजूद विधायकों की संख्या के आधार पर तीसरे प्रत्याशी की जीत के लिए महज 5 अतिरिक्त मतों की आवश्यकता होगी। पार्टी का दावा है कि इन मतों की भरपाई के लिए सत्ताधारी गठबंधन के कुछ विधायक उनके संपर्क में हैं।

6 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तारीख

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की समय-सारणी इस प्रकार है:

  • नामांकन की अंतिम तिथि: 6 अक्टूबर (मंगलवार)

  • मतदान की तारीख: 16 अक्टूबर

  • कुल मतदाता: विधानसभा के निर्वाचित सदस्य (वर्तमान स्थिति के अनुसार लगभग 393-394 विधायक मतदान कर सकते हैं)।

मंगलवार शाम तक स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी कि राज्यसभा की इन सीटों पर मुकाबला कितना कड़ा और दिलचस्प होने वाला है।

 

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