मनुष्य में ही संभावना है दो बार जन्म लेने की : साक्षी श्री

-साक्षी धाम इंटरनेशनल में साइंस डिवाइन फाउंडेशन के तीन दिवसीय ध्यान साधना शिविर का समापन

शिव प्रकाश शर्मा

मथुरा- मथुरा के वृंदावन स्थित साक्षी धाम में साइंस डिवाइन फाउंडेशन के तीन दिवसीय ज्ञान साधना शिविर का समापन हुआ इस शिविर में देश भर से आये सैकड़ों साधकों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक व मार्गदर्शक साक्षी श्री ने साधकों को संबोधित करते हुए कहा कि “केवल मनुष्य की ही संभावना है दो बार जन्म लेने की। हर व्यक्ति में बुद्ध होने की सामर्थ्य है। हर मनुष्य एक बार जन्म लेता है। पहला जन्म माता पिता से और दूसरी संभावना है कि वह जन्म लेने के बाद ऐसा जीवन प्राप्त कर ले कि उसे आत्म बोध और शाश्वत आनंद प्राप्त हो जाए। यह जीवन सद्गुरु के गर्भ से गुजरकर उपलब्ध होता है। जिसे यह सौभाग्य मिल गया, उसे ही द्विज कहते हैं।”

उन्होंने कहा कि “एक सामान्य मनुष्य चेतन तल पर भी सोया हुआ है। चेतन तल पर भी उसके सारे काम यंत्रवत हैं। जागने की प्रक्रिया के तीन चरण हैं। पहला जागरण शरीर की क्रियाओं के प्रति, दूसरा जागरण चित्त में चल रहे विचारों के प्रति और तीसरा मन के भावों के प्रति। यानी पहले चरण में शरीर की क्रियाओं के प्रति होशपूर्ण हो जाएं। दूसरे चरण में विचारों के प्रति जागना है। इनसे संघर्ष नहीं करना है। बस विचारों के प्रति होशपूर्ण हो जाएं। तीसरे चरण में क्रोध, ईर्ष्या, दुख, प्रेम जैसे अपने भावों को तटस्थ होकर देखना सीखें। कर्ता भाव छोड़कर साक्षी बनें। अपने भावों के प्रति सजग हो जाएं। आप पाएंगे कि विचार और नकारात्मक भावनाएं आपका साथ छोड़कर भागने लगे हैं।

साक्षी श्री ने कहा कि जागरण के इन तीन चरणों से धीरे-धीरे आप चेतन तल पर जागने लगते हैं। फिर जो चेतना के तल पर जाग जाता है, वह धीरे-धीरे अवचेतन तल पर भी जाग जाता है। जब आप अवचेतन तल पर भी जाग गए तो अस्तित्व को आपकी किसी भी मांग को तत्क्षण पूरा करना ही होगा। जागा हुआ व्यक्ति जो सोचने लगता है, वह होने लगता है। उसकी सभी कामनाएं सिद्ध होने लगती हैं। इसी को कहा गया है, “यं यं चिन्तयते कामं तं तं प्राप्नोति निश्चितम्।”

तीन दिन तक चले इस शिविर के दौरान साक्षी श्री ने साधकों को ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास कराया तथा साथ ही साधकों की सांसारिक एवं आध्यात्मिक समस्याओं से जुड़े प्रश्नों के उत्तर भी दिए।

साइंस डिवाइन फाउंडेशन के बारे में: साइंस डिवाइन फाउंडेशन की स्थापना के पीछे साक्षी श्री का उद्देश्य आध्यात्मिकता, आत्म साक्षात्कार, और ध्यान को जन-जन तक ले जाना है। यह संगठन एक नई मानवता का निर्माण करने के लिए प्रयत्नशील है जिसकी जड़ें ध्यान में हो। फाउंडेशन लोगों को सांसारिक सुख-सुविधाओं का त्याग किए बिना सुख और शांति से भरा जीवन जीने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है। साक्षी श्री ने इस संगठन की स्थापना मनुष्यता को कर्मकांडों से छुटकारा दिलाकर ध्यान के जरिए आत्मज्ञान की ओर उन्मुख करने के लिए की है। साइंस डिवाइन ध्यान के प्रसार के अलावा समाज कल्याणकारी गतिविधियों में भी संलग्न है और झुग्गी बस्तियों के वंचित बच्चों की मदद करने के लिए काम कर रहा है।

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