
नई दिल्ली। विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को चुनौती देने वाली एक और याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। यह उनके खिलाफ सामने आई तीसरी याचिका बताई जा रही है। नई याचिका में पिछले करीब 10 महीनों के दौरान जारी किए गए 14 आदेशों को चुनौती देते हुए उन्हें रद्द करने की मांग की गई है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ फैसले चुनाव आयोग की अनिवार्य सामूहिक निर्णय प्रक्रिया का पालन किए बिना लिए गए। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से चुनाव आयोग के कामकाज, संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत उसकी शक्तियों और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने की प्रक्रिया को लेकर आवश्यक निर्देश जारी करने की भी मांग की है।
सामूहिक निर्णय प्रक्रिया का पालन नहीं करने का आरोप
यह याचिका प्रिया मिश्रा की ओर से दायर किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसमें मांग की गई है कि ऐसे सभी फैसले, आदेश, अधिसूचनाएं और कार्यकारी निर्देश रद्द किए जाएं, जिन्हें कथित तौर पर चुनाव आयोग के बहुसदस्यीय ढांचे में जरूरी सामूहिक निर्णय प्रक्रिया का पालन किए बिना जारी किया गया।
याचिका में यह भी कहा गया है कि चुनाव आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 और आयोग के कामकाज को नियंत्रित करने वाले कानूनी प्रावधानों के अनुरूप निर्णय लेने के निर्देश दिए जाएं।
इससे पहले ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अन्य याचिकाएं भी दायर हो चुकी हैं। राकेश कुमार सिंह की याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग के बहुसदस्यीय स्वरूप के बावजूद कुछ फैसले एकतरफा तरीके से लिए गए। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है।
14 SIR आदेशों को लेकर अलग याचिकाएं भी
ज्ञानेश कुमार की ओर से जारी 14 SIR से जुड़े आदेशों को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में भी दो याचिकाएं दायर होने की रिपोर्ट सामने आई है। इनमें कथित तौर पर प्रक्रिया का पालन किए बिना मतदाता सूची से हटाए गए नामों को बहाल करने, महाराष्ट्र में SIR पर रोक और अंतिम मतदाता सूची तैयार होने तक चुनाव टालने जैसी मांगें शामिल हैं।
SIR को लेकर विपक्ष की रणनीति भी तेज
इधर SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों ने भी अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। 30 सितंबर को नई दिल्ली में INDIA गठबंधन के कई दलों की बैठक हुई, जिसमें SIR, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में आगे आंदोलन और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रणनीति बनाने पर भी विचार किया गया।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी और अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव बैठक में मौजूद नहीं थे और उनकी पार्टी की ओर से प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बीजेपी ने विपक्ष की रणनीति पर किया पलटवार
INDIA गठबंधन की बैठक के बाद बीजेपी नेताओं ने विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाए। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी के नेतृत्व और INDIA गठबंधन की एकजुटता को लेकर टिप्पणी की। बीजेपी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली का बचाव करते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।
इस पूरे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट में CEC की कार्यप्रणाली और SIR से जुड़े मामलों की सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, याचिकाओं में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की सुनवाई और उसके आदेशों के बाद ही स्पष्ट होगा।















