मुंबई के पॉश इलाके जुहू में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले के मामले में मुंबई पुलिस ने अद्भुत तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 24 घंटे के भीतर तीनों मुख्य हमलावरों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से दबोच लिया। रविवार शाम को वारदात को अंजाम देने के बाद ये बदमाश पुणे से जयपुर जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन से फरार हो रहे थे, लेकिन मुंबई पुलिस की तकनीकी जांच और मुस्तैदी ने उनके नेपाल भागने के सभी मंसूबों पर पानी फेर दिया। आइए जानते हैं कि आखिर पुलिस ने इतनी तेजी से इन बदमाशों तक पहुंचकर इन्हें कैसे धर दबोचा।
सेकंड-हैंड बाइक बनी आरोपियों तक पहुंचने का सबसे बड़ा जरिया
पुलिस जांच में सबसे बड़ा सुराग वह मोटरसाइकिल बनी जिसका इस्तेमाल इस वारदात को अंजाम देने के लिए किया गया था। अपराध शाखा के अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों की पहचान हरियाणा के रहने वाले 18 वर्षीय फूल सिंह और रेहान अंसारी तथा बिहार के रहने वाले ऋतिक कुमार उर्फ रोशन रामू महतो (22) के रूप में हुई है।
जांच में खुलासा हुआ कि ऋतिक महतो ने पिछले महीने 11 सितंबर को ही 25,000 रुपये में एक सेकंड-हैंड बजाज पल्सर बाइक खरीदी थी। हालांकि, कागजों में इस बाइक का मालिकाना हक ट्रांसफर नहीं हुआ था। जब पुलिस ने मौके से बरामद या सीसीटीवी में कैद इस बाइक के असली मालिक का पता लगाया, तो उसके जरिए मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रेल्स हाथ लग गए। पुलिस ने नंबर एक्टिव होने के कारण आरोपियों की हर गतिविधि पर बारीक नजर रखनी शुरू कर दी।
जुहू से भागकर सूरत और फिर ट्रेन से नेपाल भागने की थी साजिश
वारदात को अंजाम देने के बाद इन तीनों ने चालाकी दिखाते हुए अंधेरी के डीएन नगर इलाके में अपनी पल्सर बाइक लावारिस हालत में छोड़ दी और वहां से पैदल ही लोकल ट्रेन स्टेशन पहुंचे। इसके बाद वे कांदिवली की तरफ जाने वाली लोकल ट्रेन में बैठे और वहां से सूरत के लिए एक टैक्सी किराए पर ली।
पुलिस के अनुसार, ये बदमाश रात करीब डेढ़ बजे पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल डिब्बे में सवार हुए थे। इनकी योजना दिल्ली के रास्ते नेपाल भागने की थी। इस बीच मुंबई पुलिस लगातार आरोपियों के मोबाइल लोकेशन और रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की बारिकी से जांच कर रही थी। फुटेज के अध्ययन से पुलिस ने उस खास बोगी की भी पहचान कर ली जिसमें ये तीनों यात्रा कर रहे थे।
राजस्थान पुलिस और आरपीएफ के साथ मिलकर बिछाया गया जाल
जैसे ही मुंबई पुलिस को आरोपियों के ट्रेन से राजस्थान की तरफ बढ़ने का पक्का इनपुट मिला, उन्होंने तुरंत राजस्थान पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को इसकी पुख्ता सूचना दे दी।
सूरत रेलवे स्टेशन से ही इनकी गतिविधियों को ट्रैक करते हुए कोटा पुलिस को अलर्ट किया गया। आखिरकार, सोमवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे कोटा रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बलों ने भारी तैनाती के बीच तीनों आरोपियों को धर दबोचा। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ के जवानों ने पूरी ट्रेन को कवर कर रखा था ताकि कोई भी बदमाश बचकर भाग न सके।
महज 37,000 रुपये में तय हुआ था सुपारी किलिंग का सौदा
पुलिस पूछताछ में आरोपियों के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। हरियाणा के फूल सिंह पर पहले से ही सोनीपत में बाइक चोरी का मामला दर्ज है, जबकि रेहान अंसारी के खिलाफ राजस्थान में आर्म्स एक्ट (शस्त्र अधिनियम) के तहत केस दर्ज है। वहीं, तीसरा आरोपी ऋतिक महतो मुंबई में ‘रैपिडो’ बाइक टैक्सी चलाने का काम करता था।
हैरानी की बात यह है कि इन बदमाशों को टाइगर श्रॉफ पर हमले और हत्या की इस बड़ी सुपारी के बदले मात्र 37,000 रुपये देने का वादा किया गया था। इसके अलावा उन्हें यह लालच भी दिया गया था कि वारदात के बाद उन्हें सुरक्षित विदेश भेज दिया जाएगा और उनका भविष्य सुधार दिया जाएगा। हमले को अंजाम देने से पहले इन शूटरों ने कुछ दिनों तक इलाके की रेकी भी की थी, लेकिन मुंबई पुलिस की तेजतर्रार कार्रवाई ने उनके इस खौफनाक खेल का अंत कर दिया।



















