धर्म और समाज के आगे हारे दो दिल: लखनऊ के गेस्ट हाउस में प्रेमी जोड़े ने की आत्महत्या, 17 दिन पहले आर्य समाज मंदिर में रचाई थी शादी

लखनऊ।  मोहब्बत की दुश्मन रही दुनिया ने एक बार फिर दो दिलों की धड़कनों को हमेशा के लिए शांत कर दिया। समाज, परिवार और धर्म की बंदिशों से दूर अपनी नई दुनिया बसाने निकले प्रेमी जोड़े ने आखिरकार मौत को गले लगा लिया। हरदोई के रहने वाले अमित यादव और नरगिस (शादी के बाद पूजा) ने लखनऊ के चिनहट स्थित देवां रोड पर बने एक गेस्ट हाउस के कमरा नंबर 101 में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने लिखा कि वे अपनी मर्जी से जान दे रहे हैं और उनके जाने के बाद परिजनों को परेशान न किया जाए।

मेडिकल स्टोर से शुरू हुई थी 2 साल की प्रेम कहानी

12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद अमित अपने गांव से 7 किलोमीटर दूर एक मेडिकल स्टोर पर काम करता था। उसी दुकान के ठीक सामने 19 वर्षीय नरगिस का मकान था। यहीं से दोनों की नजरें मिलीं, बातचीत बढ़ी और देखते ही देखते दो साल पुरानी मोहब्बत गहराती चली गई। अलग-अलग धर्म का होने के कारण जब उन्हें समाज और परिवार का डर सताने लगा, तो दोनों ने बगावत का रास्ता चुना और 21 अगस्त को घर से भाग निकले। उसी दिन दोनों ने आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली, जहां नरगिस ने अपना नाम पूजा रखा।

पुलिस से छिपते और पैसों की तंगी से जूझते बीते 17 दिन

घर से भागने के बाद दोनों लखनऊ पहुंचे और चिनहट के रेड बिल्डिंग गेस्ट हाउस में ठहरे। बीते 17 दिनों से वे इसी कमरे में रहकर पुलिस और परिजनों से बचने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान वे लगातार अपने परिवारों को समझाने का प्रयास भी करते रहे, लेकिन कोई रास्ता नहीं निकला। उधर, नरगिस के पिता ने अमित के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया था। धीरे-धीरे पास में जमा पैसे खत्म होने लगे और वापसी के सारे रास्ते बंद दिखे। धर्म, कानून और तंगी के चौराहे पर खड़े प्रेमी जोड़े ने अंततः हार मान ली।

पोस्टमार्टम हाउस के बाहर रोते-बिलखते रहे परिजन

गुरुवार को जब शवों का पोस्टमार्टम हुआ, तो दोनों परिवारों के लोग वहां पहुंचे। रो-रोकर बदहवास हुए परिजनों के पास अब पछतावे के सिवा कुछ नहीं बचा था। परिजनों का बस इतना ही कहना था कि “दोनों बालिग थे, ऐसा कदम क्यों उठाया समझ नहीं आ रहा, लेकिन शायद समाज और धर्म के आगे वे बेबस हो गए।” पुलिस को मौके से एक बैग, कपड़े, कीपैड मोबाइल और आर्य समाज मंदिर का मैरिज सर्टिफिकेट मिला है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों शवों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

गांव में पसरा सन्नाटा, कई सवाल छोड़ गए दोनों

घटना की खबर सामने आते ही प्रेमी जोड़े के पैतृक गांव में मातम और सन्नाटा पसर गया है। क्षेत्र में इस दर्दनाक अंत की ही चर्चा है—कुछ लोग इस घटना से बेहद दुखी हैं तो कुछ खामोश हैं। दोनों अपने साथ खुदकुशी की असल वजह और जिंदगी की उस कड़वी सच्चाई को हमेशा के लिए ले गए, जिसका जवाब अब किसी के पास नहीं है।

 

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