
मॉस्को/कीव। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर हवाई हमलों का बड़ा दौर देखने को मिला है। रविवार को रूस ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने यूक्रेन के 1,015 ड्रोन नष्ट किए। इस बीच, रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में तेल निर्यात टर्मिनल और तेल डिपो में आग लगने की खबर सामने आई। स्थानीय गवर्नर अलेक्जेंडर बेगलोव के मुताबिक, हमलों में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि पांच अन्य घायल हुए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, हमलों में रूस की ई-कॉमर्स कंपनी ओजोन (Ozon) के लॉजिस्टिक्स सेंटर और टेक कंपनी वीके (VK) के डेटा सेंटर को भी नुकसान पहुंचा। दोनों कंपनियों ने अपने परिसरों पर हमले की पुष्टि की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की बात कही थी।
रूस के कई क्षेत्रों में ड्रोन हमलों का दावा
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रूस के 15 क्षेत्रों, क्रीमिया प्रायद्वीप और काला सागर के ऊपर कुल 1,015 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। वहीं, सेंट पीटर्सबर्ग में तेल निर्यात से जुड़े बुनियादी ढांचे में आग लगने की खबरों ने ऊर्जा क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
ओजोन और वीके के परिसरों को निशाना बनाए जाने की खबरों से यह भी स्पष्ट होता है कि हमलों का असर केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा। हालांकि, नुकसान की पूरी सीमा और सभी घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
रूस के जवाबी हमले में जापोरिज्जिया में नुकसान
यूक्रेनी हमलों के बीच रूस ने भी यूक्रेन पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यूक्रेन के दक्षिणी शहर जापोरिज्जिया में हुए हमलों में एक महिला की मौत हो गई, जबकि छह साल की बच्ची समेत कम से कम दो लोग घायल हुए।
जापोरिज्जिया क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख मायखाइलो सेमिकिन के मुताबिक, रूसी हमलों में दो बड़ी अपार्टमेंट इमारतें, 18 कारें और एक शैक्षणिक संस्थान क्षतिग्रस्त हो गए। हमलों के बाद प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन किया गया।
रूस और यूक्रेन के बीच लगातार जारी हमलों से नागरिकों की सुरक्षा और आवासीय क्षेत्रों को होने वाले नुकसान को लेकर चिंता बनी हुई है।
ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की सहमति पर सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अक्टूबर को रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की सहमति होने की बात कही थी। हालांकि, इस कथित व्यवस्था की विस्तृत शर्तें सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हुईं।
इसके बाद भी दोनों पक्षों की ओर से हमलों की खबरें सामने आती रहीं। यूक्रेन ने इससे पहले रूसी तेल ठिकानों पर हमले दोबारा शुरू करने की पुष्टि की थी। ऐसे में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर ताजा हमलों ने युद्ध में तनाव कम करने की कोशिशों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जेलेंस्की का आरोप, रूस सहमति का पालन नहीं कर रहा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर रूस पर ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति की घोषणा के बाद एक सप्ताह के भीतर रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा, तेल और गैस क्षेत्र पर 76 हमले किए।
जेलेंस्की ने यह भी दावा किया कि पिछली रात यूक्रेन के चार क्षेत्रों में ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया गया। उनके अनुसार, इन हमलों से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और हजारों परिवारों को अंधेरे में रहना पड़ा।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि रूस देश में बड़े पैमाने पर बिजली कटौती कराने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने अमेरिका और पश्चिमी देशों से रूस पर आर्थिक और सामरिक दबाव बढ़ाने की अपील की, ताकि शांति की संभावनाओं को मजबूत किया जा सके।
फिलहाल रूस और यूक्रेन के बीच हमलों का सिलसिला जारी है। ऊर्जा प्रतिष्ठानों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की खबरों के बीच युद्धविराम की संभावनाओं पर अनिश्चितता बनी हुई है।

















