Unnao : शुक्लागंज के नेहरू नगर निवासी 18 वर्षीय अभिनव बाजपेई का पुणे स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) में प्रशिक्षण के दौरान हार्ट अटैक से निधन हो गया। इकलौते बेटे की असमय मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता तत्काल पुणे के लिए रवाना हो गए, जबकि घर पर मौजूद दादी का रो-रोकर बुरा हाल है। मोहल्ले और रिश्तेदारों की भीड़ परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रही है।
अभिनव बाजपेई, प्रदीप बाजपेई और सीमा बाजपेई के इकलौते पुत्र थे। उनका हाल ही में पहले ही प्रयास में एनडीए में चयन हुआ था। केंद्रीय विद्यालय कैंट के छात्र रहे अभिनव 22 जून को प्रशिक्षण के लिए घर से पुणे के खड़कवासला स्थित एनडीए परिसर रवाना हुए थे और 24 जून को उन्होंने प्रशिक्षण ज्वाइन किया था। परिवार को उनके उज्ज्वल भविष्य पर गर्व था, लेकिन महज कुछ ही दिनों बाद यह खुशी मातम में बदल गई।
परिजनों के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे शारीरिक प्रशिक्षण (पीटी) के दौरान अभिनव को अचानक हार्ट अटैक आया। उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। उनके निधन की सूचना जैसे ही उन्नाव स्थित घर पहुंची, पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई। माता-पिता और अन्य परिजन पुणे रवाना हो गए, जबकि घर पर मौजूद दादी शशिप्रभा गहरे सदमे में हैं।
परिवार के लोगों ने बताया कि अभिनव बेहद मेधावी और अनुशासित छात्र थे। उनके मामा विकास ने बताया कि उन्होंने पहले ही प्रयास में एनडीए की परीक्षा पास कर परिवार का सपना पूरा किया था। उनके पिता प्रदीप बाजपेई कानपुर के केपीएम अस्पताल में कर्मचारी हैं, जबकि मां सीमा बाजपेई गृहिणी हैं। अभिनव की बड़ी बहन अंशिका कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। रिश्तेदारों के अनुसार, पिता के चार भाइयों के पूरे परिवार में अभिनव ही इकलौते बेटे थे और सभी के बेहद लाड़ले थे।
परिजनों ने बताया कि अभिनव का पार्थिव शरीर 12 जुलाई की सुबह उनके पैतृक घर लाया जाएगा, जहां अंतिम दर्शन के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
इस बीच अभिनव की दादी शशिप्रभा का दर्द हर किसी को भावुक कर रहा है। वह बिलखते हुए कह रही थीं, “अगर हमें पता होता कि हमारा बउआ वापस जिंदा नहीं लौटेगा, तो हम उसे कभी एनडीए की ट्रेनिंग पर नहीं जाने देते।” उनका करुण विलाप सुनकर घर पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।










