
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर प्रदेश में अपने विभिन्न मोर्चों की नई प्रदेश टीमों और क्षेत्रीय अध्यक्षों के नामों का ऐलान कर दिया है। घोषित की गई सूचियों में महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, अनुसूचित मोर्चा और ओबीसी मोर्चा के पदाधिकारी शामिल हैं। इस पूरे सांगठनिक विस्तार में सबसे ज्यादा ध्यान बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड की पीड़ित और मुख्य गवाह जया पाल को मिली जिम्मेदारी ने खींचा है। भाजपा ने जया पाल को ओबीसी मोर्चा का प्रदेश मंत्री नियुक्त किया है।
प्रयागराज से कई प्रमुख चेहरों को मिला तवज्जो
पार्टी के नए सांगठनिक ढांचे में प्रयागराज के कई नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जया पाल के अलावा नैनी निवासी पूजा बिंद को भी ओबीसी मोर्चा में प्रदेश मंत्री बनाया गया है। वहीं, महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी में प्रयागराज की निवासी और राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य अनीता सिंह को प्रदेश महामंत्री का बड़ा दायित्व सौंपा गया है।
उमेश पाल हत्याकांड: खौफनाक वारदात और न्याय की जंग
जया पाल को मिली यह जिम्मेदारी प्रयागराज की आपराधिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में दिनदहाड़े अधिवक्ता उमेश पाल और उनकी सुरक्षा में तैनात दो यूपी पुलिस के गनरों की बम-गोलियों से भूनकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज कांड का आरोप माफिया अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ और उनके गुर्गों पर लगा था। इसके बाद 15 अप्रैल 2023 को पुलिस कस्टडी में अतीक और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस पूरे घटनाक्रम और विपरीत परिस्थितियों में जया पाल ने जिस मजबूती से अपने परिवार के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी, उसने उन्हें एक साहसी चेहरे के रूप में स्थापित किया।
2027 चुनाव में ‘शहर पश्चिमी’ सीट से सियासी समीकरण साधने की तैयारी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जया पाल को भाजपा प्रदेश संगठन में शामिल करना केवल प्रशासनिक या सहानुभूति का कदम नहीं है, बल्कि यह 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीति से जुड़ा हुआ फैसला है। प्रयागराज के राजनीतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि भाजपा जया पाल को 2027 के चुनाव में ‘शहर पश्चिमी’ विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बना सकती है। गौरतलब है कि शहर पश्चिमी वही इलाका है जो कभी माफिया अतीक अहमद का गढ़ माना जाता था और जहां उमेश पाल की हत्या हुई थी।












