
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों पर हो रहे द्विवार्षिक चुनावों के लिए शुक्रवार सुबह 8 बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह चुनाव खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की 5 और खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की 6 सीटों पर हो रहा है, जिसमें राज्य के 72 जिलों के कुल 14.18 लाख मतदाता 152 प्रत्याशियों के राजनीतिक भाग्य का फैसला करेंगे। हालांकि, कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव में इस बार मतदान नहीं हो रहा है। चुनाव को पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने 11 विशेष प्रेक्षकों के साथ-साथ 1,041 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 456 जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए हैं। सुबह 8 बजे से शुरू हुआ यह मतदान शाम 4 बजे तक संपन्न होगा। मतदाता आधिकारिक वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.in के जरिए अपने पोलिंग बूथ और वोटर लिस्ट का क्रम संख्या जान सकते हैं।
सुबह 10 बजे तक विभिन्न जिलों में मतदान प्रतिशत
राज्य के अलग-अलग जिलों से सुबह 10 बजे तक के मतदान के आंकड़े सामने आने लगे हैं:
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बलरामपुर: जिले में सुबह 10 बजे तक सबसे अधिक 24.46 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।
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बस्ती मंडल और गोरखपुर: गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन के तहत बस्ती में 23.13%, देवरिया में 16.46%, सिद्धार्थनगर में 15%, संतकबीरनगर में 14.48%, गोरखपुर में 14.05%, कुशीनगर में 14.01% और महराजगंज में 12.32% मतदान हुआ।
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गाजीपुर: सुबह 10:30 बजे तक स्नातक निर्वाचन में 5.48% और शिक्षक निर्वाचन में 11.62% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
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पीलीभीत: बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत शुरुआती घंटों में 11.14 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया।
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लखीमपुर खीरी: सुबह 10 बजे तक स्नातक एमएलसी के लिए 7.13% और शिक्षक एमएलसी के लिए 6.69% मतदान हुआ।
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इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन: झांसी में 7.38%, जालौन में 7.50%, हमीरपुर में 4.49%, ललितपुर में 4.43%, बांदा में 3.16% और फूलपुर (प्रयागराज) में 2.85% मतदान दर्ज किया गया।
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हरदोई: सुबह 10 बजे तक स्नातक वर्ग में 4.6% और शिक्षक वर्ग में 9.4% मतदान हुआ। बदायूं और बहराइच समेत अन्य जिलों में भी सुबह की सुस्ती के बाद अब मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ बढ़ने लगी है।
गोरखपुर में सपा और भाजपा एजेंटों के बीच नोकझोंक
गोरखपुर के डीएवी डिग्री कॉलेज बूथ पर मतदान के बाद बाहर निकले समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी का भाजपा के बूथ एजेंटों ने कड़ा विरोध किया। विरोध इस बात को लेकर था कि प्रत्याशी द्वारा मतदान स्थल के ठीक बाहर कैंपस के अंदर बयान दिया जा रहा था और कॉलेज के मुख्य गेट के पास टेंट लगाया गया था। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, हालांकि पुलिस प्रशासन ने स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया।
मतदान के लिए जरूरी पहचान पत्र
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, वोट डालने के लिए मतदाताओं को इनमें से कोई एक मूल पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य है:
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आधार कार्ड
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ड्राइविंग लाइसेंस
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पैन कार्ड
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भारतीय पासपोर्ट
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सरकारी, अर्धसरकारी या निजी औद्योगिक घरानों द्वारा कर्मचारियों को जारी सेवा पहचान पत्र
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सांसदों, विधायकों या पार्षदों को जारी सरकारी पहचान पत्र
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संबंधित शिक्षण संस्थान द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र
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विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाण पत्र
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सक्षम अधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र या यूनिक डिसएबिलिटी आईडी कार्ड (UDID)
कैसे डालें वोट? (मतदान की प्रक्रिया)
मतदाताओं को मतदान केंद्र पर पहुंचकर सबसे पहले वोटर लिस्ट में अपना नाम और क्रम संख्या देखनी होगी। इसके बाद मतदान अधिकारी को अपना पहचान पत्र और सूची का क्रमांक दिखाना होगा। अधिकारी द्वारा मतदाता को बैलेट पेपर (मतपत्र) दिया जाएगा—स्नातक मतदाताओं को स्नातक का और शिक्षक मतदाताओं को शिक्षक का बैलेट पेपर मिलेगा। मतपत्र पर प्रत्याशी का नाम और फोटो छपा होता है। मतदाता को अपनी पसंद के प्रत्याशी के नाम के आगे बूथ पर दिए गए बैंगनी रंग के पेन से केवल वरीयता क्रम (जैसे 1, 2, 3…) में अंक लिखना होता है। बैलेट पेपर पर किसी भी तरह का सही (Right) या क्रॉस (Cross) का निशान लगाने से वह अमान्य हो सकता है।


















