UP MLC Election 2026: कहीं भाजपा तो कहीं सपा आगे, मतगणना के बीच हंगामा; बिना सील की मतपेटी मिलने का दावा

  • यूपी की 11 विधान परिषद सीटों पर सात शहरों में वोटों की गिनती जारी; आगरा में काउंटिंग रोकने के आरोप पर अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से की हस्तक्षेप की मांग, लखनऊ में बैलेट की संख्या को लेकर उठे सवाल

UP MLC Election Result 2026 : उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर मतगणना के दौरान कई निर्वाचन क्षेत्रों में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। मंगलवार सुबह 8 बजे से सात शहरों में कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती शुरू हुई। शुरुआती रुझानों में मेरठ, लखनऊ और गोरखपुर-फैजाबाद की सीटों पर भाजपा और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों के बीच मुकाबला बना हुआ है। इस बीच कुछ मतगणना केंद्रों पर मतों की संख्या, बैलेट पेपर और मतपेटियों को लेकर आपत्तियां भी सामने आई हैं।

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी सीट पर शुरुआती रुझानों में त्रिकोणीय मुकाबले के संकेत मिले हैं। यहां भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी, समाजवादी पार्टी के डॉ. संजय त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव के बीच मुकाबला बताया जा रहा है। पहले राउंड के रुझानों के बाद अगले चरण की मतगणना पर नजर बनी हुई है।

इसी बीच निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह ने दावा किया कि स्ट्रांग रूम से बाहर लाई गई बनकटा की एक मतपेटी पर सील नहीं लगी थी। इस दावे के बाद अधिकारियों और प्रत्याशियों के बीच बातचीत हुई। मामले में आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

मेरठ में शिक्षक सीट पर भाजपा, स्नातक सीट पर सपा आगे

मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के श्रीचंद शर्मा बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि स्नातक सीट पर सपा के परमिंदर भाटी आगे चल रहे हैं। दोनों सीटों पर पहले राउंड में 7-7 हजार वोटों की गिनती पूरी होने की जानकारी सामने आई है। इस दौरान सैकड़ों मत निरस्त होने की बात भी कही गई है।

आगरा में मतगणना रुकने का आरोप, अखिलेश ने उठाए सवाल

आगरा खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आगे चल रहे हैं और इसी बीच मतगणना रोके जाने की सूचना मिली है।

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से मामले का संज्ञान लेने और निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित कराने की मांग की।

दूसरी ओर, सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन ने बिना किसी भेदभाव के काम किया है। उन्होंने बताया कि करीब 15 हजार वोटों की गिनती अभी बाकी है। आकाश अग्रवाल के मुताबिक, स्थिति स्पष्ट होने के बाद वह इस मामले पर विस्तार से बात करेंगे।

लखनऊ में शिक्षक सीट पर भाजपा के उमेश द्विवेदी आगे

लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पहले राउंड के दौरान भाजपा के उमेश द्विवेदी 30 वोटों से आगे बताए गए। सपा प्रत्याशी सुशील कुमार दूसरे स्थान पर रहे। मतगणना आगे बढ़ने के साथ दोनों प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के अवनीश कुमार सिंह और सपा की कांति सिंह के बीच मुकाबला है। अखिलेश यादव ने कांति सिंह के समर्थन में प्रचार किया था। उनके पति डॉ. एसपी सिंह भी इस सीट से विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं।

लखनऊ में बैलेट की संख्या पर सवाल

लखनऊ के मतगणना केंद्र पर निर्दलीय प्रत्याशी स्मिता मिश्र ने बंडल तैयार करने के दौरान खुले बैलेट पेपर मिलने का आरोप लगाया। इस मुद्दे को लेकर मतगणना स्थल पर हंगामा हुआ।

वहीं, सपा प्रत्याशी कांति सिंह की एजेंट ने मतों की संख्या को लेकर आपत्ति जताई। एजेंट के अनुसार, पर्चियों में 310 वोट दर्ज थे, जबकि मतपेटी से 317 वोट निकले। उन्होंने सवाल उठाया कि अतिरिक्त सात वोट कहां से आए।

एजेंट ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से कुल पड़े वोटों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। उनके मुताबिक, अलग-अलग स्तर पर कुल मतदान के आंकड़े 1.03 लाख, 1.13 लाख और 1.19 लाख बताए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सही आंकड़ा सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

नतीजों से पहले आरोप-प्रत्यारोप तेज

यूपी एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान कई सीटों पर शुरुआती बढ़त के साथ-साथ प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठे हैं। आगरा में मतगणना रोके जाने का आरोप, लखनऊ में मतों की संख्या को लेकर आपत्ति और गोरखपुर में बिना सील की मतपेटी मिलने के दावे ने चुनावी माहौल को गर्म कर दिया है।

हालांकि, इन आरोपों और दावों पर संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक पुष्टि सामने आना बाकी है। सभी 11 सीटों पर अंतिम नतीजे मतगणना पूरी होने और निर्वाचन अधिकारियों की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होंगे।

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