
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को अपडेट करने और नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा अभियान शुरू किया है। प्रदेश भर के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया, जहां सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) खुद मौजूद रहकर आवेदन स्वीकार कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी पात्र नागरिकों से मतदाता बनने के लिए तुरंत आवेदन करने की अपील की है। इस विशेष ड्राइव में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान छूटे हुए लोगों और पहली बार वोट डालने जा रहे युवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
यूपी में 16 करोड़ से अधिक वयस्क आबादी, 3 करोड़ नए वोटर जोड़ने का लक्ष्य
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक आयु की अनुमानित आबादी लगभग 16.17 करोड़ है, जबकि मौजूदा मतदाता सूची में करीब 13 करोड़ से अधिक नाम ही दर्ज हैं। आबादी और पंजीकृत वोटरों के बीच इस बड़े अंतर को खत्म करने के उद्देश्य से आयोग ने यह व्यापक अभियान चलाया है। निर्वाचन विभाग का मुख्य ध्यान महिलाओं, युवाओं और छूटे हुए पात्र नागरिकों का पंजीकरण शत-प्रतिशत पूरा करने पर है, ताकि आगामी चुनावों में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
Aadhaar Card से साबित होगी जन्मतिथि और पता, प्रक्रिया हुई आसान
मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए आयोग ने बड़ा बदलाव किया है। नवदीप रिणवा ने बताया कि सामान्य मतदाता पंजीकरण के दौरान अब identity document के तौर पर जन्मतिथि और निवास संबंधी जानकारी देने के लिए आधार कार्ड की व्यवस्था लागू की गई है। इससे पहले नागरिकों को जन्मतिथि साबित करने के लिए हाईस्कूल की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र या अन्य निर्धारित दस्तावेजों के चक्कर लगाने पड़ते थे। हालांकि, नए नियमों के तहत पात्रता और जमा किए गए दस्तावेजों का सत्यापन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही किया जाएगा।
2003 की मतदाता सूची का झंझट खत्म, अब आसानी से भरें फॉर्म-6
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एक महत्वपूर्ण भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट किया कि नए सामान्य पंजीकरण के लिए आवेदक को अपने पिता, दादा-दादी या परिवार के किसी भी सदस्य का 2003 की पुरानी मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य नहीं है। कोई भी पात्र नागरिक सीधे फॉर्म-6 (Form 6) भरकर अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वा सकता है। इसके अलावा, वोटर लिस्ट से नाम कटवाने या सुधार के लिए फॉर्म-7 (Form 7) और फॉर्म-8 (Form 8) के जरिए आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। SIR के दौरान बाहर हुए लोगों का सत्यापन के बाद पुन: नाम जोड़ा जा रहा है और फर्जी या डुप्लीकेट प्रविष्टियों को छांटने का काम भी तेजी से चल रहा है।
हेल्प डेस्क और पर्याप्त फॉर्म के निर्देश, राजनीतिक दलों को मिलेगी सूची
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) प्रक्रिया के अगले चरण में मतदाता सूची के प्रारूप को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ साझा किया जाएगा, ताकि वे अपनी आपत्तियां और दावे दर्ज करा सकें। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DM/DEO) को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी पोलिंग बूथों पर BLO की अनिवार्य उपस्थिति, पर्याप्त संख्या में फॉर्म-6, 7, 8 की उपलब्धता और नागरिकों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे कोई भी पात्र नागरिक वोटर आईडी कार्ड से वंचित न रहे।















