लखनऊ। बंगाल की खाड़ी में बने शक्तिशाली कम दबाव के क्षेत्र (डिप्रेशन) और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के घातक गठजोड़ के कारण पूरे उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश रौद्र रूप अख्तियार कर चुकी है। नेपाल सीमा से सटे तराई इलाकों और पूर्वांचल समेत पूरे राज्य में पिछले 24 घंटों से अनवरत मूसलाधार बारिश जारी है। बारिश और 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चल रही तूफानी हवाओं से दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे राज्य में असमय ठंडक का अहसास होने लगा है।
मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को बारिश का दायरा और अधिक व्यापक होने की चेतावनी जारी की है। खतरे की गंभीरता को देखते हुए राहत आयुक्त और जिला प्रशासन ने एहतियातन एक्शन लेते हुए लखनऊ, गोंडा, श्रावस्ती, अंबेडकरनगर, रायबरेली समेत 40 से अधिक जिलों में शनिवार (26 सितंबर) को कक्षा 12 तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है।
तराई के 8 जिलों में रेड अलर्ट, 12 जिलों में भारी तबाही का ऑरेंज अलर्ट
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, शनिवार को प्रदेश के तराई और मैदानी इलाकों में बारिश सबसे खतरनाक स्तर पर होगी। मौसम विभाग ने जिलों को चेतावनियों में विभाजित किया है:
-
रेड अलर्ट (अत्यधिक भारी बारिश): श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहाँपुर।
-
ऑरेंज अलर्ट (भारी से बहुत भारी बारिश): बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं।
-
येलो अलर्ट (भारी बारिश): प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, मेरठ, आगरा, अयोध्या, जौनपुर, गाजीपुर, झांसी, इटावा, बलिया और बांदा सहित 39 जिले।
-
वज्रपात व आंधी (59 जिले): लगभग 59 जनपदों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ भीषण बिजली (वज्रपात) गिरने का खतरा जताया गया है।
वाटरशेड इलाकों में फ्लैश फ्लड का खतरा, 27 सितंबर तक मौसम रहेगा खराब
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट पर बने मौसम तंत्र के चलते उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम ऐसा ही जानलेवा बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आजमगढ़, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, लखनऊ, कानपुर नगर और फतेहपुर के जलग्रहण (वाटरशेड) क्षेत्रों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) आ सकती है। राहत एजेंसियों (NDRF, SDRF, PAC) को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है। आम जनता से अपील की गई है कि वे तेज आंधी-बारिश के दौरान खुले आसमान, बड़े पेड़ों, रपटों या पार्कों के नीचे आश्रय न लें।
लखनऊ, गोंडा, बलरामपुर समेत 40+ जिलों में स्कूल बंद, DM को मिले विशेषाधिकार
बच्चों को जलभराव और किसी भी हादसे से सुरक्षित रखने के लिए राज्यभर के जिलाधिकारियों ने स्कूलों में अवकाश के कड़े आदेश लागू किए हैं:
-
लखनऊ: डीएम विशाख जी के आदेशानुसार नर्सरी से 12वीं तक के सभी (राजकीय, निजी व सीबीएसई/आईसीएसई) स्कूल शनिवार को बंद रहेंगे।
-
गोंडा: डीएम प्रियंका निरंजन ने शनिवार को भी सभी स्कूलों में शिक्षण कार्य ठप रखने के निर्देश दिए हैं। अब गोंडा में स्कूल सोमवार (28 सितंबर) को खुलेंगे।
-
अन्य प्रमुख बंद जिले: बलरामपुर, श्रावस्ती, सीतापुर, बाराबंकी, अंबेडकरनगर (डीएम ईशा प्रिया के निर्देश), रायबरेली, कानपुर, इटावा, फतेहपुर, गोरखपुर, महराजगंज, मिर्जापुर, प्रयागराज, कौशाम्बी और प्रतापगढ़।
फील्ड में उतरे अधिकारी, कच्चे मकानों और जल निकासी पर विशेष नजर
राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले सभी जिलाधिकारियों के साथ हाई-लेवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की।
-
कच्चे मकानों पर निगरानी: लेखपालों और ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों और जलभराव वाले क्षेत्रों का तुरंत संज्ञान लेकर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराएं।
-
इमरजेंसी नंबर 1070: आपदा की स्थिति में नागरिक सीधे राज्यस्तरीय आपातकालीन नंबर 1070 पर संपर्क कर मदद हासिल कर सकते हैं।
-
फायर सर्विस व सिविल डिफेंस तैनात: प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को तेजी से अंजाम देने के लिए होमगार्ड, पीएसी, सिविल डिफेंस और ‘आपदा मित्रों’ को निरंतर गश्त (Patrolling) पर रहने को कहा गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक बेहद जरूरी न हो, लोग घरों से बाहर न निकलें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।













