
वाराणसी के चर्चित एमएससी (M.Sc) छात्रा श्रेया उपाध्याय हत्याकांड के मुख्य आरोपी विवेक चौबे उर्फ निखिल को आखिरकार पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। 20 दिनों से फरार चल रहे इस इनामी बदमाश को पकड़ने के दौरान हुई फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी है। पुलिस को सोमवार तड़के करीब 5 बजे मुखबिर से जगतदेवपुर इलाके में विवेक के छिपे होने की सटीक सूचना मिली थी। इसके बाद जब पुलिस टीम ने उसे घेरकर आत्मसमर्पण के लिए ललकारा, तो आरोपी ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग कर दी।
जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ मुख्य आरोपी पुलिस टीम ने रक्षात्मक रुख अपनाते हुए जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई, जिससे विवेक चौबे के पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके तुरंत बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। एडीसीपी (राजातालाब) नृपेंद्र कुमार ने बताया कि राजातालाब थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी को धर दबोचा है। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने हत्या की पूरी वजह और खौफनाक वारदात का सच उगल दिया है।
शादी का दबाव और इंकार बना हत्या का कारण पुलिस पूछताछ में यह साफ हुआ है कि छात्रा श्रेया उपाध्याय की हत्या एकतरफा प्यार और जबरन शादी के दबाव के कारण की गई थी। एडीसीपी के मुताबिक, श्रेया की शादी किसी दूसरे युवक से तय हो गई थी, जिससे विवेक बेहद नाराज और बौखलाया हुआ था। वह श्रेया पर लगातार शादी करने का दबाव बना रहा था, लेकिन छात्रा ने इससे साफ इंकार कर दिया। इसी नाराजगी में विवेक ने अपने दोस्त पुनीत मिश्रा के साथ मिलकर 18 अगस्त को श्रेया की निर्मम हत्या कर दी।
हत्याकांड में अब तक तीन लोग गिरफ्तार श्रेया उपाध्याय हत्याकांड में पुलिस अब तक कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य आरोपी विवेक चौबे से पहले उसके साथी पुनीत मिश्रा को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, विवेक और पुनीत ने मिलकर हत्या की इस वारदात को अंजाम दिया था, जबकि विवेक के पिता राम सहाय चौबे की भूमिका इस पूरे हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आई है।
जानिए क्या था पूरा मामला? उल्लेखनीय है कि एमएससी की छात्रा श्रेया उपाध्याय बीते 18 अगस्त को जगतपुर पीजी कॉलेज जाने के लिए राजातालाब स्थित अपने गांव मरुई से निकली थी। इसके बाद वह अचानक लापता हो गई। दो दिन बाद, 20 अगस्त को उसका शव बच्छांव क्षेत्र के एक बंद कमरे के बाथरूम से बरामद हुआ था, जिसके बाद से ही पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं।












