वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक बेहद महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय बैठक के दौरान वाइट हाउस के बाहर अचानक हुई अंधाधुंध फायरिंग से पूरे अमेरिका में हड़कंप मच गया है। वाइट हाउस की सुरक्षा चौकी पर एक संदिग्ध हमलावर ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं, जिसके बाद वहां तैनात सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने त्वरित और आक्रामक कार्रवाई करते हुए हमलावर को गोली मारकर अपनी गिरफ्त में ले लिया। इस सनसनीखेज वारदात में हमलावर समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
17वीं स्ट्रीट सुरक्षा चौकी पर अचानक बरसाईं गोलियां
सुरक्षा अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक घटना वाइट हाउस परिसर के पास स्थित 17वीं स्ट्रीट और पेनसिलवानिया अवेन्यू के सुरक्षा जांच केंद्र (सिक्योरिटी चेकपॉइंट) पर हुई। यहां एक संदिग्ध व्यक्ति अचानक सुरक्षा चौकी की तरफ बढ़ा और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने अपने हथियार से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी से वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों में अलर्ट जारी हो गया और जवाबी कार्रवाई में सीक्रेट सर्विस की गोली लगने से हमलावर वहीं ढेर होकर गिर पड़ा।
ओवल ऑफिस में राष्ट्राध्यक्षों के साथ फोन पर थे ट्रंप
जिस समय वाइट हाउस के बाहर गोलियां चल रही थीं, ठीक उसी वक्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ओवल ऑफिस में मौजूद थे। वे ईरान के साथ होने वाले संभावित ऐतिहासिक शांति समझौते को अंतिम रूप देने के लिए इजरायल, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब के राष्ट्राध्यक्षों के साथ फोन पर एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण चर्चा कर रहे थे। हमले की भनक लगते ही अत्याधुनिक हथियारों से लैस सीक्रेट सर्विस के कमांडो और नेशनल गार्ड्स ने तुरंत मोर्चा संभाला और राष्ट्रपति की सुरक्षा को अभेद्य बनाते हुए पूरे वाइट हाउस को अपने कड़े घेरे में ले लिया।
ब्रीफिंग रूम की तरफ भागे पत्रकार, वाइट हाउस पूरी तरह सील
सुरक्षा घेरे के ठीक बाहर अचानक हुई फायरिंग की गड़गड़ाहट सुनते ही वाइट हाउस परिसर के भीतर मौजूद मीडियाकर्मियों, पत्रकारों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। डर के मारे कई अंतरराष्ट्रीय पत्रकार अपनी जान बचाने के लिए प्रेस ब्रीफिंग रूम की तरफ भागे। घटना के तुरंत बाद एक्शन में आई सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे वाइट हाउस परिसर और उसके आसपास के सभी संवेदनशील इलाकों को पूरी तरह से सील कर दिया है। आम जनता की आवाजाही के लिए इस पूरे मार्ग को ब्लॉक कर दिया गया है।
एक महीने में सुरक्षा में दूसरी बड़ी चूक, जांच में जुटी FBI
इस हाई-प्रोफाइल घटना की पुष्टि करते हुए एफबीआई (FBI) डायरेक्टर काश पटेल ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर चुकी हैं और घबराने की कोई बात नहीं है। प्राथमिक जांच के अनुसार, पकड़ा गया हमलावर मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रहा है, हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक उसकी आधिकारिक पहचान और इस आत्मघाती हमले के मुख्य कारणों का खुलासा नहीं किया है। गौरतलब है कि पिछले महज एक महीने के भीतर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में चूक का यह दूसरा बड़ा मामला सामने आया है, जिसने अमेरिकी सुरक्षा तंत्र और खुफिया एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। फिलहाल एफबीआई और सीक्रेट सर्विस की टीमें इस पूरे साजिश की बारीकी से जांच कर रही हैं।















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