
- वाराणसी में भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो का 25 अक्टूबर को समापन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नमो घाट पर लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों के हवाई करतब देखे।
वाराणसी में आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो के अंतिम दिन भारतीय वायुसेना ने अपनी ताकत, तकनीकी क्षमता और पायलटों के कौशल का प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान राफेल, सुखोई-30, एलसीए तेजस, मिराज-2000, जगुआर और मिग-29 समेत कई विमानों ने आसमान में करतब दिखाए।
भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में करीब 100 विमानों के प्रदर्शन ने दर्शकों का ध्यान खींचा। गंगा के ऊपर हुई हवाई गतिविधियों और लड़ाकू विमानों की गर्जना से काशी का आसमान गूंज उठा।
राफेल ने बनाई ‘नीलकंठ फॉर्मेशन’
एयर शो के दौरान राफेल लड़ाकू विमानों ने खास प्रदर्शन किया। तीन राफेल विमानों ने एक साथ उड़ान भरते हुए ‘नीलकंठ फॉर्मेशन’ बनाई। वहीं, स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान एलसीए तेजस ने कम ऊंचाई पर उड़ान भरकर अपने कौशल का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में ‘प्रचंड फॉर्मेशन’ भी आकर्षण का केंद्र रही। इसमें सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए तेजस और मिग-29 समेत छह प्रकार के लड़ाकू विमान शामिल हुए। इन विमानों ने आसमान में तीर की नोक जैसी आकृति बनाई, जो दर्शकों के लिए खास आकर्षण रही।
जगुआर और मिराज-2000 का भी शानदार प्रदर्शन
चार जगुआर विमानों ने ‘पशुपति फॉर्मेशन’ के तहत उड़ान भरी और आसमान में हीरे जैसी आकृति बनाई। जगुआर विमान कम ऊंचाई पर उड़ान भरने की अपनी क्षमता के लिए जाना जाता है।
इसके अलावा मिराज-2000 लड़ाकू विमानों और भारतीय नौसेना के पी-8आई समुद्री निगरानी विमान ने मिलकर ‘नटराज फॉर्मेशन’ प्रस्तुत की। इस प्रदर्शन में एक पी-8आई विमान के साथ दो मिराज-2000 विमान उड़ते दिखाई दिए।
इन प्रदर्शनों के जरिए वायुसेना और नौसेना की हवाई क्षमताओं की झलक देखने को मिली।
C-295 और डोर्नियर विमानों की ‘भैरव फॉर्मेशन’
एयर शो में परिवहन और निगरानी विमानों ने भी हिस्सा लिया। एक सी-295 परिवहन विमान और दो डोर्नियर विमानों ने ‘भैरव फॉर्मेशन’ में उड़ान भरी।
सी-295 का इस्तेमाल सैन्य परिवहन से जुड़े कार्यों में किया जाता है, जबकि डोर्नियर विमान निगरानी, संपर्क और अन्य आवश्यक अभियानों में उपयोगी हैं। इन विमानों के प्रदर्शन ने एयर शो में लड़ाकू विमानों के साथ परिवहन और निगरानी क्षमताओं को भी सामने रखा।
हेलीकॉप्टरों ने बनाई ‘भगीरथी फॉर्मेशन’
कार्यक्रम में हेलीकॉप्टरों का प्रदर्शन भी खास रहा। ‘भगीरथी फॉर्मेशन’ में स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों और अमेरिकी मूल के अपाचे हमलावर हेलीकॉप्टरों ने हिस्सा लिया। इन हेलीकॉप्टरों ने आसमान में हीरे जैसी आकृति बनाई।
इसके अलावा चेतक हेलीकॉप्टरों ने भी विशेष प्रदर्शन किया। ग्रुप कमांडर दीपांकर के नेतृत्व में तीन चेतक हेलीकॉप्टरों ने आसमान में तिरंगा लहराया। इस दौरान दर्शकों को भारतीय वायुसेना की हवाई प्रदर्शन क्षमता और हेलीकॉप्टर संचालन का नजारा देखने को मिला।
वायुसेना की ताकत और कौशल की दिखी झलक
‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो के अंतिम दिन अलग-अलग तरह के लड़ाकू, परिवहन और निगरानी विमानों के साथ हेलीकॉप्टरों ने हिस्सा लिया। राफेल और तेजस जैसे लड़ाकू विमानों से लेकर सी-295, डोर्नियर और चेतक हेलीकॉप्टरों तक के प्रदर्शन ने कार्यक्रम को खास बनाया।
भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस एयर शो का उद्देश्य हवाई शक्ति, पायलटों के कौशल और विमानन क्षमताओं को प्रदर्शित करना था। 25 अक्टूबर को हुए समापन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री की मौजूदगी ने इसे और महत्वपूर्ण बना दिया।
















