
गोरखपुर। रेलवे स्टेशन पर यात्री ही नहीं अब रेलकर्मियों और वेंडरों के भी बिना मास्क के पकड़े जाने पर 100 से 500 रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए स्टेशनों और ट्रेनों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। गोरखपुर जंक्शन पर मास्क नहीं पहनने वाले लोगों के खिलाफ संयुक्त जांच अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार को 22 लोग पकड़े गए थे।
दरअसल, कड़ाई के बाद भी स्टेशन पर तैनात रेलकर्मी और वेंडर न मास्क पहन रहे और न ही कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन कर रहे हैं। ऐसे में रेलवे प्रशासन ने कर्मियों और वेंडरों की भी निगरानी बढ़ा दी है। रेलवे सुरक्षा बल ने तो सीसी कैमरे से ऐसे कर्मियों को चिन्हित कर रहा है। मंडल वाणिज्य निरीक्षक डीके श्रीवास्तव के अनुसार यात्री ही नहीं स्टेशन पर कोई भी बिना मास्क के पकड़ा गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए संयुक्त जांच अभियान शुरू कर दिया गया है। जांच के अलावा आम यात्रियों और रेलकर्मियों को कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करने के लिए प्रेरित और जागरूक भी किया जा रहा है।
रेलवे स्टेशन पर एनाउंस सिस्टम (घोषणा प्रणाली) के माध्यम से यात्रियों को मास्क पहनने, हाथ को स्वच्छ रखने तथा शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा इंटरनेट मीडिया (पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकृत ट्वीटर, फेसबुक, कू, इंस्टाग्राम आदि) के जरिये भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। यहां जान लें कि स्टेशन के सभी गेटों पर सैनिटाइजर मशीन लगा दी है। थर्मल स्कैनिंग भी शुरू कर दी गई है। गेट पर सभी यात्रियों की पड़ताल करने के बाद ही प्रवेश मिल रहा है। मुंबई से आने वाले सभी यात्रियों की कोरोना जांच भी कराई जा रही है। इसके बाद भी बड़ी संख्या में यात्री काविड-19 प्रोटोकाल का पालन नहीं कर रहे हैं। यात्री ही नहीं रेलकर्मी और वेंडर भी इसको लेकर गंभीर नहीं हो पा रहे हैं।












