अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार (10 जुलाई 2026) को रामनगरी अयोध्या पहुंचे। सीएम योगी ने यहां बीकापुर विधानसभा क्षेत्र को 432 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। इस दौरान आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने तुष्टीकरण की राजनीति को लेकर विपक्ष को घेरते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।
हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने का पाप किसने किया?: सीएम योगी
विपक्ष पर सीधा प्रहार करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “एक लंबे समय तक हमारी अयोध्या उपेक्षित रही। यहां न सड़क थी, न बिजली और न पानी। बगल में मां सरयू बह रही थीं, तब भी अयोध्या प्यासी और बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहती थी। गंदगी ही इस नगरी की पहचान बन चुकी थी। आज जो लोग आस्था की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, उन्होंने ही हमारे पवित्र हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने का घिनौना काम किया था।”
उन्होंने आगे सवालिया लहजे में जनता से पूछा, “कल्पना करो, क्या कोई जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करवा पाएगा? क्या वहां की सरकारें ऐसा करवा पाएंगी? क्या समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में ऐसा करवाने का दम है? अगर वे ऐसा नहीं करवा सकते, तो अयोध्या में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप क्यों करवाया गया था? कौन लोग थे जो यह सब करवा रहे थे?”
इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम पर फैलाया गया था भ्रम
अयोध्या के बदलते स्वरूप और विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आज की अयोध्या तीनों लोकों से न्यारी और वैभवशाली दिखाई देती है, यहां की गलियां अब जगमगा रही हैं। एक समय था जब कोई सोच भी नहीं सकता था कि अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन पाएगा। जब हम प्रयास कर रहे थे, तब समाजवादी पार्टी के लोग इसका विरोध कर रहे थे और एयरपोर्ट के नाम पर जनता को गुमराह कर रहे थे। आज महर्षि वाल्मिकी के नाम पर बना यह इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ चुका है।”
महर्षि वाल्मिकी और निषाद राज के नाम से विपक्ष को दिक्कत
सीएम योगी ने सपा और कांग्रेस पर दलित और पिछड़ा विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा, “आज जो लोग अयोध्या का विरोध कर रहे हैं, वे सिर्फ इसलिए ऐसा कर रहे हैं क्योंकि वे अपने कार्यकाल में यह सब नहीं कर पाए। उन्हें इस बात का बुरा लग रहा है कि एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मिकी के नाम पर क्यों रख दिया गया? उन्हें तकलीफ है कि अयोध्या में रैन बसेरा का नाम ‘निषाद राज गुह’ के नाम पर क्यों हो गया।” उन्होंने एक बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि सपा और कांग्रेस ने श्रृंगवेरपुर में भगवान राम और निषादराज के ऐतिहासिक मिलन स्थल की जमीन को वक्फ बोर्ड के नाम पर कब्जा कराने की भी पुरजोर कोशिश की थी।
रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, पर भव्य मंदिर बनकर रहा
मुख्यमंत्री ने कारसेवकों पर हुए गोलीकांड की याद दिलाते हुए कहा, “यही हमारी और उनकी सोच में अंतर है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के लोगों ने हमेशा राम मंदिर निर्माण में रोड़े अटकाए। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े करने का प्रयास किया और निहत्थे रामभक्तों पर क्रूरता से गोलियां चलवाईं। इन लोगों ने अयोध्या की पहचान के सामने संकट खड़ा कर दिया था। लेकिन इसके बाद उत्तर प्रदेश और केंद्र में डबल इंजन की सरकार आई और आज अयोध्या में भगवान राम का भव्य और दिव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया, जिसे दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं पाई।”














