नई दिल्ली। भारत के पड़ोसी मुल्कों में पनप रहे आतंकवाद को लेकर मित्र देश इजरायल ने एक बेहद डरावनी और गंभीर चेतावनी जारी की है। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि खूंखार आतंकी संगठन ‘हमास’ से जुड़े तत्व भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश में पूरी तरह सक्रिय हैं। इजरायली खुफिया एजेंसियां इन आतंकियों की हर हरकत पर पैनी नजर रख रही हैं। इस खुलासे के बाद दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत की आंतरिक सुरक्षा को लेकर खुफिया गलियारों में हड़कंप मच गया है।
पड़ोस में मंडरा रहा है खतरा, पब्लिक डोमेन में आ चुके हैं सबूत
इजरायली राजदूत रूवेन अजार के मुताबिक, हमास के टॉप कमांडर, स्लीपर सेल और उनके कट्टरपंथी समर्थक पाकिस्तान व बांग्लादेश की जमीन का इस्तेमाल अपनी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि इन आतंकियों की सक्रियता से जुड़ी कई पुख्ता जानकारियां और सबूत अब ओपन सोर्स (सार्वजनिक स्रोतों) के माध्यम से भी दुनिया के सामने आ रहे हैं। इजरायल का मानना है कि इन गतिविधियों को किसी भी हाल में हल्के में नहीं लिया जा सकता और भारत सहित पूरे क्षेत्र के लोकतांत्रिक देशों को चौकस हो जाने की जरूरत है।
7 अक्टूबर के नरसंहार से ली प्रेरणा, भारत के खिलाफ दोहरा सकते हैं वही खतरनाक रणनीति
राजनयिक ने एक बेहद चिंताजनक बात साझा करते हुए कहा कि 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए बर्बर आतंकी हमले ने दुनिया भर के कई कट्टरपंथी और जिहादी संगठनों को एक नई और खतरनाक प्रेरणा दी है। खुफिया इनपुट बताते हैं कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में बैठे ये आतंकी समूह उसी तरह की हिंसक और आत्मघाती रणनीति को दुनिया के इस हिस्से यानी भारत या उसके आसपास दोहराने की फिराक में हैं। यही वजह है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियों को अब ‘एक्स्ट्रा अलर्ट’ मोड पर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।
इजरायल ने भारत के साथ साझा किया खुफिया इनपुट, सुरक्षा तंत्र अलर्ट
इस संभावित खतरे को भांपते हुए इजरायल ने बिना वक्त गंवाए भारतीय सुरक्षा अधिकारियों और खुफिया एजेंसियों के साथ बेहद संवेदनशील सीक्रेट इनपुट साझा किए हैं। राजदूत ने बताया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत और इजरायल के बीच लगातार हाई-लेवल संवाद हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमास का यह नया नेटवर्क सिर्फ इजरायल के लिए नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की शांति और सुरक्षा के लिए एक बड़ा नासूर बन सकता है, जिससे मिलकर निपटना होगा।
पाकिस्तान और बांग्लादेश की राजनीतिक उथल-पुथल का फायदा उठा रहे आतंकी
रक्षा और विदेशी मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ समय में पाकिस्तान की बदहाल आर्थिक स्थिति और बांग्लादेश में हुए बड़े राजनीतिक व सामाजिक तख्तापलट के बाद उपजी अस्थिरता का फायदा इन आतंकी संगठनों ने उठाया है। वहां की जमीन पर कट्टरपंथी ताकतों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, जो भारत के लिए हमेशा से सिरदर्द रहा है। हालांकि, इजरायल के इन गंभीर आरोपों पर अभी तक पाकिस्तान या बांग्लादेश की सरकारों की तरफ से कोई आधिकारिक सफाई या बयान सामने नहीं आया है।
क्या है हमास, जिसने इजरायल को दहलाया था?
हमास एक फिलिस्तीनी सुन्नी-इस्लामिक चरमपंथी संगठन है, जिसकी स्थापना साल 1987 में हुई थी। भारत के परम मित्र देश इजरायल के अलावा अमेरिका, यूरोपीय संघ (EU), जापान और कई अन्य पश्चिमी देशों ने इसे आधिकारिक तौर पर एक वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है। यह संगठन तब पूरी दुनिया के नक्शे पर सबसे खूंखार चेहरे के रूप में उभरा, जब 7 अक्टूबर 2023 को इसके आतंकियों ने इजरायल के रिहायशी इलाकों में घुसकर भयंकर कत्लेआम मचाया था और सैकड़ों बेगुनाह नागरिकों को बंधक बना लिया था।















