नई दिल्ली: रूस के समुद्री क्षेत्र में ब्लैक सी (काला सागर) से गुजर रहे कमर्शियल कार्गो जहाज MV OMORFI पर हुए घातक हमले में एक भारतीय नाविक की दुखद मौत हो गई है। इस गंभीर घटना पर भारत सरकार ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि व्यापारिक जहाजों और उन पर तैनात निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का पालन करने की जोरदार अपील की है।
10 क्रू सदस्यों में तीन थे भारतीय, दो नागरिक सुरक्षित
विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 18 जुलाई 2026 को जब MV OMORFI जहाज रूसी समुद्री सीमा के भीतर ब्लैक सी से गुजर रहा था, तभी उस पर यह हमला हुआ।
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कुल क्रू सदस्य: जहाज पर कुल 10 चालक दल (क्रू) के सदस्य सवार थे।
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भारतीय नागरिक: इनमें से तीन भारतीय नागरिक थे।
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स्थिति: हमले में एक भारतीय नाविक ने अपनी जान गंवा दी, जबकि बाकी दो भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय रूसी अधिकारियों के संपर्क में है और मृतक नाविक के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक भारत लाने व पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने की कागजी प्रक्रिया पूरी कर रहा है।
‘समुद्री सुरक्षा और निर्दोष नागरिकों की जान से खिलवाड़ मंजूर नहीं’—विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी कर कहा कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाना और बेकसूर क्रू मेंबर्स की जान जोखिम में डालना बेहद चिंताजनक है। भारत ने सभी संबंधित पक्षों से अंतरराष्ट्रीय दायित्वों और समुद्री नेविगेशन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) का सम्मान करने की अपील की है। भारत सरकार ने इस बात पर विशेष बल दिया कि ब्लैक सी जैसे प्रमुख समुद्री मार्गों की सुरक्षा केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक स्थिरता और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए बेहद जरूरी है।
कुछ दिन पहले MV Golden Leo पर भी हुआ था हमला, 4 भारतीयों की गई थी जान
ब्लैक सी में भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर गहराता संकट बेहद चिंताजनक रूप ले चुका है। MV OMORFI पर हमला कोई अकेली घटना नहीं है। इससे कुछ ही दिन पहले 19 जुलाई को ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए कार्गो शिप MV Golden Leo पर भी जानलेवा हमला हुआ था। उस जहाज पर मौजूद 17 क्रू मेंबर्स में से 5 भारतीय थे, जिनमें से चार भारतीय नागरिकों की दुखद मौत हो गई थी और एक गंभीर रूप से घायल हुआ था। लगातार हो रही इन हिंसक घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।













