एसी की ठंडी हवा कहीं छीन न ले चेहरे का नूर! स्किन एक्सपर्ट्स ने दी बड़ी चेतावनी, बचने के लिए तुरंत अपनाएं ये आसान टिप्स

 नई दिल्ली.  चिलचिलाती गर्मी और उमस भरे मौसम से राहत पाने के लिए आजकल घरों और दफ्तरों में एयर कंडीशनर (एसी) का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है। लोग दिन का अधिकांश समय एसी की ठंडी हवा में बिताना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्मी से पल भर में राहत देने वाला यह एसी आपकी त्वचा और बालों का सबसे बड़ा दुश्मन बन सकता है? त्वचा विशेषज्ञों (डर्मेटोलॉजिस्ट) ने एक हालिया चेतावनी में कहा है कि लंबे समय तक एसी में रहने वाले लोगों में त्वचा का रूखापन, लगातार खुजली, बालों का झड़ना और स्किन इरिटेशन जैसी गंभीर समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर वक्त रहते त्वचा और बालों की सही देखभाल न की जाए, तो यह समस्या स्थाई रूप से आपके लुक को प्रभावित कर सकती है।

जानिए कैसे आपकी त्वचा को बीमार बनाती है एसी की हवा

स्किन एक्सपर्ट्स के मुताबिक एसी चलते समय कमरे के तापमान को तो कम करता ही है, साथ ही वह हवा में मौजूद नमी (ह्यूमिडिटी) को भी पूरी तरह सोख लेता है। एसी की हवा में मॉइस्चर का लेवल बेहद कम होने के कारण इसका सीधा असर हमारी त्वचा की सबसे ऊपरी परत यानी ‘स्किन बैरियर’ पर पड़ता है। यह बैरियर हमारी त्वचा को बाहरी बैक्टीरिया, धूल-मिट्टी और पानी की कमी से बचाने का काम करता है। जब लंबे समय तक एसी की सूखी हवा इस बैरियर पर पड़ती है, तो यह कमजोर होने लगता है। इसके कारण त्वचा के अंदर का पानी तेजी से सूख जाता है, जिससे स्किन ड्राई होकर संवेदनशील बन जाती है और चेहरे पर लाल चकत्ते, रैशेज या खुजली की समस्या शुरू हो जाती है।

रूखेपन से बचना है तो मॉइस्चराइजर को बनाएं अपना सुरक्षा कवच

अगर आपके काम की प्रकृति ऐसी है कि आपको मजबूरी में लंबे समय तक एसी के केबिन में बैठना ही पड़ता है, तो आपको अपनी स्किन को बाहरी रूप से नमी देने की सख्त जरूरत है। इसके लिए सबसे बेहतर और असरदार उपाय है एक अच्छे मॉइस्चराइजिंग क्रीम या लोशन का नियमित इस्तेमाल। जब आप त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाते हैं, तो यह स्किन के ऊपर एक पतली और सुरक्षित परत बना देता है। यह परत त्वचा के भीतर मौजूद पानी को बाहर उड़ने से रोकती है, जिससे त्वचा लंबे समय तक सॉफ्ट, ग्लोइंग और हाइड्रेटेड बनी रहती है।

नहाने का यह तरीका रखेगा स्किन का लिपिड बैलेंस मेंटेन

मौसम चाहे गर्मी का हो या सर्दी का, आपके नहाने की आदत भी आपकी त्वचा की सेहत तय करती है। डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार, बहुत अधिक ठंडे या बहुत तेज गर्म पानी के बजाय हल्के गुनगुने पानी से नहाना त्वचा के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद और संतुलित माना जाता है। गुनगुना पानी त्वचा के रोमछिद्रों (पोर्स) की गहराई से सफाई करता है और त्वचा के प्राकृतिक तेल व नमी को बनाए रखता है। यह तरीका त्वचा के लिपिड बैलेंस को स्थिर रखता है, जिससे स्किन अंदर से हेल्दी रहती है और एसी की सूखी हवा का बुरा असर चेहरे पर दिखाई नहीं देता।

हाइड्रेटिंग फेस मास्क से लाएं चेहरे पर खोई हुई चमक

त्वचा को केवल ऊपरी तौर पर ही नहीं, बल्कि गहराई से पोषण देना भी बेहद जरूरी है। इसके लिए हफ्ते में कम से कम एक या दो बार हाइड्रेटिंग फेस मास्क का उपयोग जरूर करना चाहिए। इन मास्क में खास प्राकृतिक तत्व और न्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो त्वचा की कोशिकाओं (सेल्स) में पानी को लॉक कर देते हैं। इससे त्वचा का लचीलापन और उसकी नेचुरल चमक बरकरार रहती है। नियमित रूप से हाइड्रेटिंग मास्क लगाने से स्किन की बाहरी परत इतनी मजबूत हो जाती है कि वह एसी के दुष्प्रभाव और पर्यावरणीय नुकसान को आसानी से झेल सकती है।

चेहरे के साथ-साथ बालों पर भी पड़ता है एसी का ‘साइड इफेक्ट’

एसी की सूखी हवा सिर्फ आपकी त्वचा को ही नहीं, बल्कि आपके कीमती बालों को भी बेजान बना देती है। डॉक्टरों का कहना है कि एसी की हवा बालों की प्राकृतिक नमी को पूरी तरह सुखा देती है, जिससे बालों की सबसे बाहरी सुरक्षात्मक परत यानी ‘क्यूटिकल’ डैमेज हो जाती है। क्यूटिकल के सूखते ही बाल रूखे, बेजान और दोमुंहे होकर बीच से टूटने लगते हैं और उनकी प्राकृतिक चमक गायब हो जाती है। इस गंभीर समस्या से बचने के लिए साधारण हेयर प्रोडक्ट्स की जगह मॉइस्चराइजिंग शैंपू और डीप कंडीशनर का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। ये प्रोडक्ट्स बालों के भीतर मॉइस्चर को रीस्टोर करते हैं और उन्हें सिल्की व मजबूत बनाए रखते हैं।

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