Shocking Fact: 10 सेकंड के एक ‘Kiss’ से ट्रांसफर होते हैं 8 करोड़ बैक्टीरिया! जानें इसके फायदे और नुकसान

नई दिल्ली। दो लोगों के बीच का गहरा लगाव या कहें कि एक ‘किस’ (Kiss) केवल प्यार और आकर्षण का ही प्रतीक नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बेहद जटिल और हैरान कर देने वाला विज्ञान भी छिपा है। हाल ही में हुए एक वैज्ञानिक शोध में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि महज 10 सेकंड के एक गहरे किस के दौरान लाखों नहीं, बल्कि पूरे 8 करोड़ बैक्टीरिया एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के मुंह में ट्रांसफर हो जाते हैं। सुनने में भले ही यह आंकड़ा थोड़ा डरावना और अजीब लगे, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है, क्योंकि इनमें से अधिकांश बैक्टीरिया मानव शरीर के लिए बेहद मददगार और लाभकारी होते हैं।

नीदरलैंड्स के वैज्ञानिकों ने रिसर्च में किया बड़ा खुलासा

यह दिलचस्प और अनोखा शोध ‘नीदरलैंड्स ऑर्गनाइजेशन फॉर अप्लाइड साइंटिफिक रिसर्च’ के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है। इस स्टडी के परिणामों ने हर किसी को हैरान कर दिया है। शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च में यह साफ किया है कि 10 सेकंड तक किए गए एक लिप-लॉक किस के दौरान औसतन 8 करोड़ सूक्ष्मजीवों (Bacteria) का आदान-प्रदान होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इंसानी मुंह में पहले से ही सैकड़ों प्रकार के सूक्ष्मजीव स्वाभाविक रूप से मौजूद रहते हैं। जब दो लोग करीब आते हैं, तो केवल लार का ही एक्सचेंज नहीं होता, बल्कि दोनों के मुंह की पूरी माइक्रोबायोम प्रणाली एक-दूसरे के सीधे संपर्क में आ जाती है।

दही खिलाकर वैज्ञानिकों ने लैब में किया अनोखा टेस्ट

इस शोध को सटिक बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने 21 कपल्स (जोड़ों) को शामिल किया था। इस एक्सपेरिमेंट के दौरान वैज्ञानिकों ने एक बेहद अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने कपल में से एक पार्टनर को प्रोबायोटिक बैक्टीरिया से भरपूर दही खिलाया, जिससे उसके मुंह में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ गई। इसके बाद पार्टनर्स को एक निश्चित समय तक किस करने को कहा गया। जब बाद में दूसरे पार्टनर के मुंह के लार का सैंपल लिया गया, तो उसमें भी वही प्रोबायोटिक बैक्टीरिया भारी मात्रा में पाए गए। इस टेस्ट से यह पूरी तरह साबित हो गया कि किसिंग के दौरान माइक्रोबायोम बहुत तेजी से ट्रांसफर होते हैं।

पार्टनर्स का बैक्टीरिया लेवल हो जाता है बिल्कुल एक जैसा

इस रिसर्च का एक और सबसे दिलचस्प पहलू यह सामने आया कि जो जोड़े लंबे समय से साथ हैं और नियमित रूप से एक-दूसरे को किस करते हैं, उनके मुंह में मौजूद बैक्टीरिया की संरचना (Microbiome Structure) समय के साथ काफी हद तक एक समान यानी सिमिलर हो जाती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह प्रक्रिया शरीर के लिए कई मायनों में वरदान साबित होती है। ये लाभकारी बैक्टीरिया इंसान की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बूस्ट करने, ओरल हेल्थ को बेहतर बनाए रखने और कई तरह के खतरनाक संक्रमणों से लड़ने में शरीर की मदद करते हैं। इसका सकारात्मक असर दांतों और मसूड़ों की सेहत पर भी दिखता है।

फायदे के साथ-साथ इन बीमारियों का भी रहता है खतरा

जहां एक तरफ इसके कई बायोलॉजिकल फायदे हैं, वहीं डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स इसके साइड इफेक्ट्स को लेकर एक जरूरी चेतावनी भी देते हैं। शोध के अनुसार, किस के जरिए कुछ संक्रामक बीमारियां बहुत आसानी से फैल सकती हैं। अगर पार्टनर में से किसी एक को भी हर्पीस, कोल्ड सोर (होंठों के पास छाले), फ्लू या मुंह का कोई अन्य संक्रमण है, तो वह लार के जरिए बहुत तेजी से दूसरे व्यक्ति को बीमार कर सकता है। इसलिए प्यार के इन पलों के बीच ओरल हाइजीन और स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतना बेहद जरूरी माना जाता है।

केवल रोमांस नहीं, शरीर में रिलीज होते हैं ये ‘हैप्पी हार्मोंस’

इस पूरे अध्ययन से यह साफ होता है कि किसिंग केवल एक रोमांटिक अनुभव नहीं बल्कि एक गहरा जैविक बदलाव है। जब दो लोग इस प्रक्रिया से गुजरते हैं, तो शरीर के भीतर ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) और डोपामाइन (Dopamine) जैसे ‘हैप्पी हार्मोंस’ का लेवल अचानक से बढ़ जाता है। ये हार्मोंस न सिर्फ तनाव को कम करते हैं, बल्कि आपसी खुशी, लगाव और पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ाव को भी कई गुना ज्यादा मजबूत बना देते हैं।

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