
बिल्हौर, कानपुर। बाहर कानून की हिफाजत का बीड़ा उठाने वाले सिपाही को घर के भीतर हैवानियत से परहेज नहीं था। दहेज की लालच में उसने अपनी दो माह की गर्भवती पत्नी को बेरहमी से पीटने के साथ पेट में लात मार घर से निकाल दिया। आरोपों के मुताबिक इस जुल्म में पूरा परिवार साथ खड़ा रहा, जबकि ससुर ने बहू से छेड़छाड़ तक की करतूत कर डाली। पीड़िता की कोख उजड़ने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा तो बिल्हौर कोतवाली में सिपाही समेत परिवार के सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
अरौल थाना क्षेत्र के बहरामपुर निवासी विवाहिता के मुताबिक नवंबर 2022 में उसकी शादी बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के गुलरहा खंड कुरेह निवासी तनुज कुमार से हुई थी। पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर सेवारत तनुज इस वक्त अमेठी में तैनात है। आरोप है कि शादी में करीब 15 लाख रुपये नकद, बाइक, सोने के जेवर और गृहस्थी का सामान देने के बावजूद ससुराल पक्ष की मांगें खत्म नहीं हुईं। विदाई के अगले ही दिन कार खरीदने के नाम पर 10 लाख रुपये की मांग रख दी गई। विरोध पर पति, सास, ससुर, जेठ और ननदों ने मिलकर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। आरोप है कि पति की गैरमौजूदगी में ससुर ने उसके साथ छेड़छाड़ की करतूत की। पति से शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय दहेज लाने का दबाव बनाया गया।
अक्टूबर 2025 में पति के मोबाइल में एक महिला कांस्टेबल के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें मिलने पर विवाद बढ़ा तो दो माह की गर्भवती विवाहिता को बेरहमी से पीटा गया। इस दौरान पेट में लात मारने के बाद अगले दिन उसे पहने कपड़ों में ही घर से बाहर कर दिया गया। बाद में अल्ट्रासाउंड में गर्भस्थ शिशु की धड़कन नहीं मिलने पर गर्भपात कराना पड़ा। पीड़िता के मुताबिक, 17 दिसंबर 2025 को मायके पहुंचे पति, जेठ और ससुर के रवैए में कोई बदलाव नहीं हुआ। वहां भी अतिरिक्त दहेज की मांग दोहराई गई और विरोध पर विवाहिता और उसके परिजनों से मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी गई। उधर, कोतवाल सुधीर कुमार ने बताया कि सिपाही तनुज कुमार, उसके पिता रामदास, मां बिट्टन देवी, भाई मनोज कुमार और बहनें मान्या, मान्यता व रूबी देवी के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम समेत बीएनएस की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।











