चोरी मोबाइल को कोडवर्ड में कहते थे पेन

डेढ़ माह बाद देहात पुलिस ने भी क्रेक डाउन का खोला खाता

मसूरी पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ 

पुलिस की गोली लगने से एक बदमाश घायल

दर्जनों लूट चोरी के मुकदमे थे बदमाशों पर दर्ज

गाजियाबाद। एसएसपी मुनिराज द्वारा बदमाशों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एसपी देहात के निर्देशन में एएसपी के नेतृत्व में मसूरी की पुलिस द्वारा लूट चोरी हत्या के प्रयासों के मामलों में आधा दर्जन से अधिक मुकदमों दर्ज होने वाले गैंगस्टर बदमाशों से पुलिस की नाहल चौकी इलाके में मुठभेड़ हो गई। पुलिस की गोली लगने से एक बदमाश घायल हो गया। जिसे नजदीकी हॉस्पिटल भर्ती कराया गया है। घायल बदमाश पर एक दर्जन से अधिक मुकदमा पंजीकृत थे। तो वही उसके साथी पर भी आधा दर्जन से अधिक मुकदमा पंजीकृत हैं। पुलिस दोनों ही बदमाशों की और क्राइम हिस्ट्री खंगालने में जुटी है। जानकारी के अनुसार बता दें कि एएसपी/सीओ सदर की टीम एवम थाना मसूरी पुलिस द्वारा स्कूटी सवार बदमाशों से मुठभेड़ में मोबाइल चोर गैंग के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। दरअसल नाहल चौकी क्षेत्र में चेकिंग के दौरान  स्कूटी सवार दो बदमाशों से मुठभेड़ में दो बदमाश वसीम पुत्र जरीफ, निवासी डासना एवं वाहिद पुत्र अली मोहम्मद  निवासी डासना गिरफ्तार हुए हैं। मुठभेड़ में वसीम को पैर में गोली लगी है। घायल बदमाश को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। एएसपी आकाश पटेल ने बताया कि मसूरी पुलिस और एसओजी को सूचना मिली कि दर्जनों लूट चोरी जैसी घटनाओं में पंजीकृत दो बदमाश जो चोरी के मोबाइलों को बड़े पैमाने पर बेचने का धंधा करते हैं। नाहल चौकी इलाके में स्कूटी पर आने वाले हैं। इसी सूचना पर एसओजी टीम विकास कुमार, मनीष कुमार और अजय यादव को बदमाशों की तलाश में चेकिंग अभियान में लगा दिया तो वही सब इंस्पेक्टर डॉक्टर रामसेवक सिंह भी नाहल चौकी पुलिस को साथ लेकर बदमाशों की तलाश में जुटी थी। तभी मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि दोनों बदमाश स्कूटी से आ रहे हैं। जिन्हें एसओजी टीम और पुलिस द्वारा रुकने का इशारा किया तो दोनों ही बदमाशों द्वारा पुलिस पर फायर करते हुए भागने लगे। इसी बीच पुलिस की जवाबी गोलीबारी में एक बदमाश वसीम पुत्र जरीफ पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया। वही उसका साथी को कुछ दूरी पर भागकर पकड़ लिया गया जिससे पूछताछ में अपना नाम वाहिद पुत्र अली मोहम्मद बताया। दोनों ही बदमाशों की क्राइम हिस्ट्री चेक करने पर पता चला कि दोनों ही बदमाश काफी शातिर किस्म के बदमाश हैं। जहां वसीम पर एक दर्जन से अधिक लूट चोरी और हत्या के प्रयास के मामले दर्ज हैं, तो वहीं वाहिद पर भी चोरी लूट जैसे आधा दर्जन से अधिक मुकदमे पंजीकृत हैं। घायल बदमाश पर गैंगस्टर कार्यवाही भी हो चुकी है और उसका अपने क्षेत्र में काफी भय व्यक्त था। जिसकी काफी समय से तलाश की जा रही थी। पकड़े गए दोनों बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि हम गाजियाबाद, नोएडा में ऑटो/टेंपो में बैठ कर साथ की सवारी का मोबाइल, पर्स आदि चुपचाप निकाल लेते हैं। हम ऐसा करने के पहले शराब पी लेते हैं। ताकि यदि उस व्यक्ति को पता चल जाए तो ये कह देते हैं की नशे में गलती से हाथ लग गया। ज्यादा विरोध होने पर हम तमंचा दिखा कर  मौके से फरार हो जाते हैं। मोबाइल को हम कोडवर्ड में पेन कहते थे। इस तरह से चोरी किए हुए मोबाइल को हम आगे अपने साथियों को बेच देते थे जो 20-25 मोबाइल इकट्ठा होने पर इन्हे अन्य राज्यों में बिकवा देते थे। ताकि पुलिस पकड़ न पाए। बदमाशों के कब्जे से दो तमंचा, कारतूस व खोखा,एक स्कूटी बिना नंबर प्लेट की बरामद हुई है।

खबरें और भी हैं...