जेवर एयरपोर्ट के लिए मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला: 15 जून से पहले चलेंगी 110 इलेक्ट्रिक बसें, एक्सप्रेसवे और निवेश परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) के संचालन की तारीखें नजदीक आते ही यात्रियों की सुविधाओं को लेकर योगी सरकार बेहद एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर एयरपोर्ट से यात्रियों के सुगम आवागमन के लिए प्राथमिक चरण में 110 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि 15 जून से प्रस्तावित उड़ान संचालन से पहले जेवर और आसपास के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद कर लिया जाए।

स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में मुख्यमंत्री की बड़ी समीक्षा

बुधवार को लखनऊ में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (STC) की चौथी महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा (YEIDA) क्षेत्र में कुल 500 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की प्रगति का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में लगभग 15.5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। सरकार ने साल 2030 तक राज्य में 10 हजार चार्जिंग स्टेशन विकसित करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से करीब 2500 चार्जिंग स्टेशन पहले ही चालू किए जा चुके हैं।

जून के अंत तक पूरा करें एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का भूमि अधिग्रहण

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी ही औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन की रीढ़ है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण और विनिमय के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण हर हाल में जून माह के अंत तक पूरा कर लिया जाए। बैठक में बताया गया कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 55 प्रतिशत भूमि प्राप्त की जा चुकी है, जबकि मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट स्वीकृत होने के बाद अब भूमि अधिग्रहण की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

निवेश परियोजनाओं में ‘नो टॉलरेंस’: 6 जुलाई तक बढ़ी लॉजिस्टिक हब की निविदा

मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि प्रदेश में आने वाले निवेश संबंधी प्रोजेक्ट्स में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लंबित मामलों के तुरंत निपटारे और निवेशकों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब (MMLH) और ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) की प्रगति की भी जानकारी दी गई। लॉजिस्टिक हब के लिए आवश्यक 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा प्राप्त हो चुका है और इसके डेवलपर चयन के लिए निविदा (Tender) की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 6 जुलाई 2026 कर दिया गया है। वहीं ट्रांसपोर्ट हब के लिए भी 144 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध हो चुकी है।

अलीगढ़ डिफेंस कॉरिडोर में 125 करोड़ का नया निवेश, सीड और टेक्सटाइल पार्क को रफ्तार

उत्तर प्रदेश को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने डिफेंस कॉरिडोर परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में एक बड़ी सफलता की जानकारी देते हुए बताया गया कि ‘आिकॉन्स हिंदुस्तान एयरोस्पेस एंड डिफेंस सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड’ ने अलीगढ़ डिफेंस नोड में 125 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिसे तकनीकी और भूमि आवंटन समिति द्वारा संस्तुति मिल चुकी है। इसके अलावा, लखनऊ में प्रस्तावित सीड पार्क (Seed Park) और टेक्सटाइल पार्क परियोजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सीड पार्क के लिए अंतरराष्ट्रीय बीज कंपनियों के साथ बातचीत अंतिम दौर में है।

जेवर में एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट हब और उन्नाव में बनेगा ‘एक्वा ब्रिज’

किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से जेवर एयरपोर्ट के पास 50 एकड़ में ‘एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट हब’ बनाने की तैयारी है, जिसके लिए 29 एकड़ भूमि चिन्हित की जा चुकी है। वहीं उन्नाव में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 60 एकड़ भूमि पर ‘एक्वा ब्रिज परियोजना’ विकसित की जा रही है। यहां आधुनिक फिश प्रोसेसिंग, फीड प्लांट, पैकेजिंग और वैश्विक स्तर की निर्यात सुविधाएं तैयार की जाएंगी, जिससे यूपी के मछली उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल सके।

‘सीएम समीक्षा’ के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में बनेगा स्पेशल सेल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ और ‘अर्बन चैलेंज फंड’ के कार्यों की समीक्षा करते हुए युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और आधुनिक नगरीय अवसंरचना के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उत्तर प्रदेश के विकास को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ‘सीएम समीक्षा’ (CM Samiksha) पोर्टल में शामिल सभी ड्रीम प्रोजेक्ट्स की नियमित मॉनिटरिंग के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (CM Office) में एक विशेष सेल (Special Cell) का गठन किया जाए, जो इन सभी परियोजनाओं की प्रगति की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को सौंपेगा।

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